Journey of Sliced ​​Bread: कटी ब्रेड की दिलचस्प कहानी, कैसे पहुंची आपकी थाली तक? जानिए इसका सफर

Updated at : 08 Jul 2023 4:26 PM (IST)
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Journey of Sliced ​​Bread: कटी ब्रेड की दिलचस्प कहानी, कैसे पहुंची आपकी थाली तक? जानिए इसका सफर

Journey of Sliced ​​Bread: कटी हुई नरम और साफ- सुथरी ब्रेड ने हमारे लाइफ स्टाइल को कितना आसान कर दिया है लेकिन इसके हमारी थाली तक पहुंचने की कहानी उतनी आसान नहीं. आज से 95 साल पहले अस्तित्व में आई कटी हुई ब्रेड से जुड़ी रोचक कहानी पढ़िये.

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Journey of Sliced ​​Bread: भूख लगी हो तो इंसान सबसे पहले आसानी से मिलने वाले भोजन को खोजता है और ब्रेड हर गली हर मोहल्ले की दुकानों में आज के वक्त में सुलभ है. नाश्ता हो या शाम का स्नैक्स कटी हुई ब्रेड काफी कुछ मैनेज करती है. क्या कभी सोचा है आखिर कैसे और कहां से आपकी थाली तक पहुंची है ये कटी हुई ब्रेड. आज से 95 साल पहले कटी हुई ब्रेड अपने अस्तित्व में आई. आगे पढ़िए रोचक जानकारी…

कटी हुई ब्रेड का पहला पैकेट कहां बेचा गया

7 जुलाई 1928 को संयुक्त राज्य अमेरिका के मिसौरी के चिलिकोथे में कटी हुई ब्रेड का पहला पैकेट बेचा गया था. इसे काटने की मशीन का आविष्कार करने वाले का नाम है ओटो फ्रेडरिक रोहवेडर. लोगों को यह इतनी पसंद आयी कि 1933 तक अमेरिकी बेकरियां बिना कटे ब्रेड की तुलना में अधिक कटी हुई ब्रेड बेच रही थीं. जब सेकेंड वर्ल्ड वार के दौरान कटी हुई ब्रेड पर प्रतिबंध लगाया गया तो खूब हंगामा मच गया.

कैसे हुआ ब्रेड काटने की मशीन का आविष्कार

ओटो फ्रेडरिक रोहवेडर के पास तीन ज्वेलरी शॉप थे ये आज भी समझ से परे है कि उसने रत्न काटने से लेकर ब्रेड काटने तक का रास्ता क्यों चुना. लेकिन फिर उन्होंने आभूषणों की ओर बढ़ने से पहले ऑप्टोमेट्री में डिग्री हासिल की, एक ज्वेलर के रूप में रोहवेडर को घड़ियों और आभूषणों के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनों में मरम्मत करना पसंद था. इसी दौरान शायद उन्हें विश्वास हो गया कि वह अपने हुनर के इस्तेमाल से रोटी काटने की मशीन का आविष्कार कर सकते हैं और उन्होंने इस खोज को पूरा करने के लिए अपने आभूषण भंडार को बेच दिया.

समय ने भी साथ दिया, घर में बनी ब्रेड की जगह स्लाइस्ड ब्रेड बनी लोगों की पसंद

वक्त ने भी रोहवेडर का खूब साथ दिया. अमेरिकियों ने घर पर रोटी बनाने के बजाय ब्रेड खरीदना शुरू कर दिया था. हालांकि, 1917 में, रोहवेडर को उस समय बड़ा झटका लगा, जब आग ने उनके प्रोटोटाइप और ब्लूप्रिंट को नष्ट कर दिया. इस हादसे के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. अगले 11 वर्षों में, रोहवेडर एक ऐसी मशीन डिजाइन करने में सफल रहे जो ब्रेड को काट भी सकती थी और लपेट भी सकती थी. स्लाइस का आकार क्या होगा इसके लिए कई सारी महिलाओं से बात की और केवल आधे इंच से कम का आकार फाइनल हुआ.

बेंच की बेकरी ने पहली बार कटी हुई ब्रेड बेची

ब्रेड को काटने वाली मशीन का पेटेंट कराया गया और उसे उसके दोस्त फ्रैंक बेंच की चिलिकोथे बेकिंग कंपनी में बेच दिया. और इस तरह बेंच की बेकरी ने पहली बार कटी हुई ब्रेड बेची. अब जब भी आप क्‍लीन स्‍लाइस्‍ड ब्रेड खाएं तो जरूर याद करिए आपकी थाली तक आसानी से पहुंचने वाली कटी ब्रेड के पीछे कितनी प्रेरक कहानी छिपी है. इसका स्वाद और बढ़ जाएगा.

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