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National Nutrition Week: न्यूट्रिशनिस्ट बन संवारें भविष्य, जानें कैसे हो सकते हैं दाखिल

अच्छे पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए भारत में हर साल 1 से 7 सितंबर तक नेशनल न्यूट्रिशन वीक मनाया जाता है. देश में सेहत और उचित पोषण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ी है. पोषण के लिए उचित सलाह देने वाले न्यूट्रिशनिस्ट की मांग भी बढ़ी है. जानें कैसे इस करियर में हो सकते हैं दाखिल...

National Nutrition Week: स्वस्थ जीवन जीने में पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह जीवन के प्रत्येक चरण में आवश्यक एक महत्वपूर्ण तत्व है. पौष्टिक आहार न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी एक प्रमुख निर्धारक तत्व है. मौजूदा दौर में आधुनिक जीवनशैली से उपजी बीमारियों से राहत पाने का भी सबसे महत्वपूर्ण तरीका है अच्छा पोषण. सही और संतुलित पोषण किन खाद्य पदार्थों में है और कैसे इनका सेवन करना चाहिए, यह बताते हैं न्यूट्रिशन प्रोफेशनल या न्यूट्रिशनिस्ट. जैसे-जैसे पोषण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है, कुशल न्यूट्रिशनिस्ट एवं डाइटीशियन की मांग में भी इजाफा हुआ है. न्यूट्रिशन क्षेत्र के पेशेवर व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य के लिए पोषण सलाह देने के साथ ही मोटापे, मधुमेह, ह्रदय रोग, मेटाबोलिक सिंड्रोम आदि को भी नियंत्रित रखने के लिहाज से उचित पोषण के बारे में बताते हैं. आप अगर बतौर न्यूट्रिशनिस्ट करियर बनाना चाहते हैं, तो बारहवीं के बाद इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.

स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट

खिलाड़ियों को फिट रहने के लिए वजन कम करने से ज्यादा आहार पर ध्यान देना आवश्यक होता है. इसमें स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट अहम भूमिका निभाते हैं. खिलाड़ी को अधिक कैलोरी व प्रोटीन की जरूरत होती है. उम्र और खेल के अनुसार इस जरूरत का ध्यान रखते हुए खिलाड़ियों का आहार तय करना स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट का कार्य है. स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट के तौर पर करियर बनाने के लिए किसी प्रतिष्ठित संस्थान, जैसे एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स से प्रमाणित होना जरूरी है. आप स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, स्पोर्ट्स डाइटीशियन, डाइटेटिक्स एंड न्यूट्रिशन परफॉर्मेंस के असिस्टेंट प्रोफेसर, डाइटीशियन एथलेटिक्स आदि के तौर पर आगे बढ़ सकते हैं.

क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट

यह न्यूट्रिशन एवं डाइटेटिक्स के प्रमुख विषयों में से एक है. न्यूट्रिशन एवं डाइटेटिक्स में बीएससी करने के बाद इस विषय में पीजी कर डाइटीशियन के तौर हॉस्पिटल एवं बतौर न्यूट्रिशनिस्ट हेल्थ क्लीनिक, हेल्थ सेंटर एवं एमएनसी में जॉब कर सकते हैं. प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन या एनजीओ में प्रोजेक्ट असिस्टेंट, प्रोजेक्ट एसोसिएट, चीफ न्यूट्रिशनिस्ट बन सकते हैं. यह विषय बैरिएट्रिक सर्जरी न्यूट्रिशनिस्ट बनने का भी विकल्प देता है. बतौर एंटरप्रेन्योर अपना न्यूट्रिशन क्लीनिक शुरू कर सकते हैं या न्यूट्रिशन बेस्ड कैफे या रेस्टोरेंट शुरू कर सकते हैं.

पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट

ये भोजन एवं पोषण से संबंधित एक अगल क्षेत्र है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे एनीमिया, विटामिन ए, डायबिटीज, आयोडीन आदि की कमी पर केंद्रित है. पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. न्यूट्रिशन एवं डाइटेटिक्स में ग्रेजुएशन के बाद पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, स्वास्थ्य संगठनों आदि में प्रोजेक्ट असिस्टेंट, प्रोजेक्ट एसोसिएट आदि के तौर पर काम कर सकते हैं.

फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी

यह न्यूट्रिशन का एक और क्षेत्र है, जिसमें इस विषय के साथ आप फूड साइंटिस्ट के तौर आगे बढ़ रिसर्च एवं डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम कर सकते हैं. फूड ऑडिटर/ फूड क्वालिटी कंट्रोलर, फूड एनालिस्ट, रिसर्च एसोसिएट के तौर पर फूड इंडस्ट्री में काम करने का विकल्प है. आप इस विषय के साथ बतौर न्यूट्रिशन जर्नलिस्ट, पब्लिक हेल्थ पॉलिसी मेकर के तौर पर भी आगे बढ़ सकते हैं.

कोर्स, जो बनायेंगे करियर

बारहवीं के बाद न्यूट्रिशन एंड हेल्थ एजुकेशन, डाइटेटिक्स, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स, फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन, डाइटेटिक्स एंड क्लीनिकल न्यूट्रिशन, न्यूट्रिशन एंड फूड टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स कर इस करियर में दाखिल हो सकते हैं. रेगुलर डिप्लोमा कोर्स की अवधि दो से तीन वर्ष हो सकती है. साइंस से बारहवीं करने वाले छात्र क्लीनिकल न्यूट्रिशन, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स, फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन, अप्लाइड न्यूट्रिशन, डाइटेटिक्स, होम साइंस (न्यूट्रिशन एंड फूड साइंस स्पेशलाइजेशन) में बीएससी कर सकते हैं. इसके बाद आपके पास एमएससी या पीजी डिप्लोमा कोर्स करने का विकल्प होगा. आगे चल कर इन विषयों में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं- क्लीनिकल न्यूट्रिशन, पीडिएट्रिक न्यूट्रिशन, पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन, फूड साइंस/ टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन/डाइटेटिक्स, रीनल न्यूट्रिशन अपने करियर को मजबूती दे सकते हैं.

Disclaimer: हमारी खबरें जनसामान्य के लिए हितकारी हैं. लेकिन दवा या किसी मेडिकल सलाह को डॉक्टर से परामर्श के बाद ही लें.

Prabhat Khabar News Desk
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