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आने वाले दिनों में कोरोना से भी खतरनाक साबित होने वाली है यह बीमारी, ICMR ने दी चेतावनी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
आईसीएमआर ने दी चेतावनी
आईसीएमआर ने दी चेतावनी
फाइल फोटो

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 64,531 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 27,67,273 हो गए. वहीं 1,092 और लोगों की जान जाने से मृतक संख्या 52,889 हो गई. इसी बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय रोग सूचना विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र ने एक ऐसी खबर दी है जो चिंता बढा सकती है. इन्होंने कहा है कि इस साल भारत में कैंसर के मामले 13.9 लाख रहने का अनुमान है जो 2025 तक 15.7 लाख तक पहुंच सकते हैं.

आईसीएमआर ने कहा कि राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट, 2020 में दिया गया यह अनुमान 28 जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री से मिली सूचना पर आधारित है. इसने कहा कि इसके अलावा 58 अस्पताल आधारित कैंसर रजिस्ट्री ने भी आंकड़ा दिया. बयान के अनुसार तंबाकू जनित कैंसर के मामले 3.7 लाख रहने का अनुमान है जो 2020 के कैंसर के कुल मामले का 27.1 फीसद होगा.

बयान में कहा गया है कि महिलाओं में छाती के कैंसर के मामले दो लाख (यानी 14.8 फीसद) , गर्भाशय के कैंसर के 0.75 लाख (यानी 5.4 फीसद) , महिलाओं और पुरूषों में आंत के कैंसर के 2.7 लाख मामले (यानी 19.7 फीसद) रहने का अनुमान है.

क्या है कैंसर: मानव शरीर कईं अनगिनत कोशिकाओं यानी सैल्स से बना हुआ है. इन कोशिकाओं में निरंतर ही विभाजन की प्रक्रिया चलती रहती है. यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसपर शरीर का पूरा नियंत्रण होता है. लेकिन कभी-कभी जब शरीर के किसी विशेष अंग की कोशिकाओं पर शरीर का नियंत्रण बिगड़ जाता है जिसके बाद कोशिकाएं बेहिसाब तरीके से बढ़ती चली जाती है. इस प्रक्रिया को कैंसर कहा जाता हैं.

कैंसर की शुरूआत कैसे होती है जानें : मानव शरीर में जब कोशिकाओं के जीन में परिवर्तन होने लगता है, तब कैंसर की शुरुआत हो जाती है. ऐसा नहीं है कि किसी विशेष कारण से ही जीन में बदलाव होने लगता है, बल्कि यह स्वंय भी बदल सकते हैं. नहीं तो कुछ दूसरे कारणों की वजह से ऐसा हो सकता है… जैसे- गुटका-तंबाकू जैसी नशीली चीजें खाने से, अल्ट्रावॉलेट रे या फिर रेडिएशन आदि इसके लिए कारक हो सकते हैं.

Posted By : Amitabh Kumar

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