Gorakhpur के ऑटो ड्राइवर को आत्मा से आई आवाज,भारत रत्न लेने के लिए कमिश्नर से लेकर DM-SDM तक को काम पर लगाया
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 Nov 2023 8:15 PM
गोरखपुर जनपद के एक ऑटो चालक को ऐसी बात सूझी कि पूरे प्रशासन को काम पर लगा दिया. इस व्यक्ति ने कमिश्नर को पत्र लिखा कि मेरी आत्मा से आवाज आई है कि मुझे भारत रत्न मिलना चाहिए. इसके बाद तहसीलदार से लेकर कमिश्नर तक को रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रपति भवन पत्र भेजना पड़ा.

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. गोरखपुर जनपद के एक ऑटो चालक को ऐसी बात सूझी कि पूरे प्रशासन को काम पर लगा दिया. इस व्यक्ति ने कमिश्नर को पत्र लिखा कि मेरी आत्मा से आवाज आई है कि मुझे भारत रत्न मिलना चाहिए. इसके बाद तहसीलदार से लेकर कमिश्नर तक को रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रपति भवन पत्र भेजना पड़ा. विनोद गौड़ ने बताया की एक दिन पूजा करते समय उसे आत्मा से आवाज आई कि उसे भारत रत्न मिलना चाहिए. इसके बाद उसने कमिश्नर को भारत रत्न पाने के लिए पत्र लिख डाला. विनोद गौड़ का यह पत्र राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया. फिलहाल इस मामले में अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं. लेकिन ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि विनोद गौड़ का पत्र डाक से आया था. इसलिए जांच के लिए हमने भेज दिया लेकिन जब भारत रत्न पुरस्कार पाने की इच्छा जाहिर करने वाले व्यक्ति से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमने हैंड टू हैंड कमिश्नर साहब को पत्र दिया था. विनोद गौड़ ने बताया कि कमिश्नर साहब ने उससे कहा कि आप जाइए आपका पत्र आगे भिजवा दिया जाएगा विनोद ने बताया कि हमारा काम था जो मैंने कर दिया है भारत रत्न मिलना या ना मिलना भगवान के हाथ में है विनोद का कहना है कि राष्ट्रपति भवन से उसके पास पहले कई फोन आए और कहा गया कि आप उसे लायक नहीं हैं आप में कोई योग्यता नहीं है इसलिए आप दोबारा भारत रत्न पुरस्कार की मांग ना करें. विनोद गोरखपुर जिले की प्राइस थाना क्षेत्र की महाराजा उत्तर टोला कुस्मही बाजार का रहने वाला है.
Also Read: बनारस : पवित्र गंगा के तट पर जीवंतता से भरी रात में जगाते हैं मुर्दा, कभी नहीं बुझतीं मणिकर्णिका घाट की लपटेंकमिश्नर को दिए गए पत्र में उसने लिखा है कि 30.09.23 को संध्या बंधन से पूर्व में ध्यान साधना में बैठकर तपस्या कर रहा था कि अचानक मेरे अंतर आत्मा से मुझे भारत रत्न चाहिए,भारत रत्न चाहिए, मुझे भारत रत्न चाहिए, की तीन बार आवाज आई ये आवाज बहुत ही तेज गति से आई. अतः महानुभाव से निवेदन है कि मेरी समस्त मनोकामना पूर्ण की जाए और मुझे भारत रत्न से सम्मानित किया जाए. विनोद गौड़ ने यह पत्र कमिश्नर को दिया. कमिश्नर से ऑफिस से पत्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा वहां से मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय होते हुए एसडीएम सदर के पास पहुंचा.अंतिम में ये पत्र तहसीलदार के पास पहुंचा और वहां से राष्ट्रपति भवन को पत्र भेज दिया गया.
जब अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की तो यह पूरी तरह से अधिकारियों को नागौर लगी अधिकारियों का मानना है कि यह किसी भी स्तर से सही नहीं है इस पर कठोर कार्रवाई भी हो सकती है. लेकिन जब इस मामले में कमिश्नर, डीएम ,सीडीओ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. विनोद गौड़ पीसीसी ऑटो चालक है जो पिपराइच थाना अंतर्गत रहता है उसकी दो छोटे बच्चे भी हैं और इस वक्त गोरखपुर के कैंट थाना अंतर्गत एक किराए के मकान में रहकर ऑटो चलाता है. विनोद गौड़ का लिखा हुआ पत्र इस समय सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है.
रिपोर्ट : कुमार प्रदीप
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