जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए भेजा गया पांच पॅजिटिव यात्रियों का सैंपल, मर्चेंट नेवी और महाराष्ट्र से आए है घर

Updated at : 05 Dec 2021 11:05 AM (IST)
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जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए भेजा गया पांच पॅजिटिव यात्रियों का सैंपल, मर्चेंट नेवी और महाराष्ट्र से आए है घर

Corona Positive in Bihar कोरोना के नये वैरिएंट को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है. हाल में विदेशों एवं जोखिम वाले जगहों से पहुंचे पांच लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया था

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Corona Positive in Bihar: बिहार के गोपालगंज जिले से ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट है. नये वेरिएंट को लेकर विदेशों से आनेवाले लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है. इस दौरान हाल में जोखिम वाले देशों से आये पांच यात्रियों में कोरोना संक्रमण पाया गया है, जिनका सैंपल डब्ल्यूएचओ के माध्यम से जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए भेजा गया है.

जीनोम सीक्वेंसिंग जांच रिपोर्ट बतायेगी कि ओमिक्रॉन है या नहीं. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को जीनोम रिपोर्ट के आने का इंतजार है. जिन लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजा गया हैं, उनमें मर्चेंट नेवी के कर्मी के अलावा महाराष्ट्र से आये यात्री भी शामिल हैं. आरटीपीसीआर जांच में इन सभी यात्रियों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया था.

स्वास्थ्य विभाग के कोरोना के नोडल पदाधिकारी सह सीडीओ कैप्टन डॉ एसके झा ने बताया कि कोरोना के नये वैरिएंट को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है. हाल में विदेशों एवं जोखिम वाले जगहों से पहुंचे पांच लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया था, जिसके बाद इन सभी लोगों का सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए आइजीएमएस पटना भेजा गया है.

ऑब्जर्वेशन में सभी यात्री

जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए जिन लोगों के सैंपल भेजे गये हैं, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. रिपोर्ट आने तक सभी यात्रियों को होम आइसोलेशन में रहने को कहा गया है. साथ ही परिवार के सदस्यों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी पांच यात्रियों पर कड़ी नजर रख रही है.

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क्या है जीनोम सीक्वेंसिंग

जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है. कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है. इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है. स्वास्थ्य विभाग के कोविड-19 के नोडल पदाधिकारी कैप्टन डॉ एसके झा के मुताबिक वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं. इससे ही कोरोना के नये स्ट्रेन के बारे में पता चला है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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