Budget 2026 से पहले फिल्म इंडस्ट्री की उम्मीदें, क्या सस्ते होंगे सिनेमा टिकट?

Updated at : 01 Feb 2026 10:52 AM (IST)
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Budget 2026 ticket price

बजट 2026, फोटो- इंस्टाग्राम

Budget 2026: GST 2.0 के महीनों बाद भी सिनेमा टिकट महंगे बने हुए हैं. फिल्म इंडस्ट्री Budget 2026 से GST कट की उम्मीद कर रही है. मल्टीप्लेक्स 5% टैक्स की मांग कर रहे हैं ताकि टिकट सस्ते हों, दर्शक बढ़ें और छोटे शहरों में थिएटर विस्तार संभव हो सके.

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Budget 2026: रविवार यानी आज 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026 पर भारत की फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की खास नजर है. GST 2.0 लागू हुए कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस की रिकवरी अब भी कमजोर बनी हुई है. ऐसे में सिनेमा टिकट पर टैक्स राहत मिलेगी या नहीं, यही इंडस्ट्री की सबसे बड़ी उम्मीद है.

मास‑मार्केट टिकट पर 5% GST से दर्शकों को फायदा

Multiplex Association of India (MAI) का कहना है कि अगर मास‑मार्केट टिकट पर 5% GST लागू हुआ तो कई शहरों में टिकट लगभग 40 रुपये सस्ते होंगे. चार लोगों के परिवार के लिए यह लगभग 150–160 रुपये की बचत होगी. इससे Tier‑2 और Tier‑3 शहरों में दर्शक संख्या बढ़ सकती है और थिएटर की कमाई में सुधार होगा.

भारत की फिल्म इंडस्ट्री के आंकड़े

EY–FICCI और MPA–Deloitte के आंकड़े बताते हैं कि भारत की फिल्म इंडस्ट्री ने प्री‑पैंडेमिक समय में करीब 16,000–18,000 करोड़ रुपये की कमाई की थी. सिर्फ हिंदी फिल्में 2024 में 5,280 करोड़ रुपये पार कर चुकी हैं. कुल स्क्रीन अभी लगभग 9,000 हैं और ज्यादातर दक्षिण भारत में केंद्रित हैं. प्रति व्यक्ति सिनेमा विजिट चीन और अमेरिका की तुलना में कम हैं.

छोटे शहरों में स्क्रीन विस्तार

MAI का कहना है कि मास‑मार्केट टिकट पर 5% GST लागू होने से छोटे और मझोले शहरों में स्क्रीन खोलना आसान हो जाएगा. उद्योग का अनुमान है कि अगले 7-8 साल में स्क्रीन की संख्या 20,000 तक पहुंच सकती है. इससे छोटे शहरों में निवेश बढ़ेगा और उद्योग का विस्तार संभव होगा.

बजट 2026 की संभावित दिशा

बजट 2026 में तीन चीजें फिल्म व्यवसाय को प्रभावित कर सकती हैं. इसमें GST दर, इनपुट टैक्स क्रेडिट और प्रोडक्शन या इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं. अगर मास‑मार्केट टिकट पर 5% GST लागू हुआ तो थिएटर की कमाई और दर्शक संख्या बढ़ेगी.

उद्योग के लिए टैक्स और प्रोत्साहन का महत्व

उद्योग चाहता है कि उत्पादन पक्ष को भी राहत मिले. तेज GST रिफंड और कम TDS लागू होने से छोटे और मध्यम प्रोड्यूसर अपनी फिल्में आसानी से बना सकेंगे. EY–FICCI डेटा बताते हैं कि थिएटर और सब्सक्रिप्शन आय अभी भी 2019 स्तर से नीचे है. इसका मतलब है कि टैक्स या प्रोत्साहन से रिकवरी तेज होगी, लेकिन यह अकेले सभी समस्याओं का हल नहीं कर सकता.

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Divya Keshri

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By Divya Keshri

मेरा नाम दिव्या केशरी है. मैं प्रभातखबर.कॉम में एंटरटेनमेंट लीड के तौर पर काम कर रही हूं. पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से मैं ग्लैमर और सिनेमा की दुनिया को कवर कर रही हूं. मेरा पूरा फोकस फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT के ट्रेंडिंग अपडेट्स पर रहता है. मैं आपके लिए फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस का पूरा हिसाब-किताब लेकर आती हूं. लिखते वक्त मेरी एक ही कोशिश रहती है- बात चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे बिल्कुल आसान और मजेदार तरीके से कहूं. ताकि आप खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे कनेक्ट भी कर पाएं.

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