कपूर खानदान की बहू बनी बिहारी प्रवासी मजदूर, 1 महीने में बदला लुक और एक्सेंट, श्रीदेवी ने दिया था बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड
आलिया भट्ट, फोटो- इंस्टाग्राम
‘उड़ता पंजाब’ में आलिया भट्ट ने बिहारी प्रवासी मजदूर लड़की का किरदार निभाया था. एक महीने की कड़ी तैयारी में उन्होंने लुक और एक्सेंट बदला. उनकी परफॉर्मेंस के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला था.
क्या आपको फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ याद है? इस फिल्म में शाहिद कपूर ने एक रॉकस्टार का किरदार निभाया था, जो ड्रग्स की लत में डूबा हुआ दिखाया गया था. वहीं करीना कपूर खान डॉक्टर के रोल में नजर आई थीं और दिलजीत दोसांझ ने पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया था. लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस किरदार की हुई, जिसमें कपूर खानदान की बहू आलिया भट्ट ने एक बिहारी प्रवासी (माइग्रेंट) मजदूर लड़की ‘कुमारी पिंकी’ का रोल निभाया था. फटे कपड़े, धूल-मिट्टी से भरा चेहरा, बिहारी लहजा और दर्द से भरी आंखों के साथ आलिया ने ऐसा ट्रांसफॉर्मेशन दिखाया कि दर्शक उनकी एक्टिंग देखकर हैरान रह गए थे. हालांकि फिल्म में ऐसा किरदार निभाने के पीछे उन्होंने कड़ी मेहनत की थी.
डायरेक्टर अभिषेक चौबे को थी कास्टिंग को लेकर शुरुआती चिंता
निर्देशक अभिषेक चौबे ने स्क्रीन के साथ एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि फिल्म में आलिया भट्ट की कास्टिंग को लेकर उन्हें काफी चिंता थी, क्योंकि आलिया का सामाजिक और आर्थिक बैकग्राउंड उनके किरदार से बिल्कुल अलग था. अभिषेक ने कहा था, “जब कास्टिंग के दौरान आलिया का नाम सामने आया, तब मैंने सिर्फ ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के कुछ हिस्से ही देखे थे. उस समय मुझे लगा कि सब लोग पूरी तरह पागल हो गए हैं! लेकिन फिर मैंने ‘हाईवे’ देखी. उसमें भी वह एक अलग सामाजिक वर्ग से आने वाली लड़की का किरदार निभा रही थीं, लेकिन उनमें ईमानदारी नजर आई. उनका टैलेंट साफ दिखाई देता था.”
डायरेक्टर की टेंशन-क्या आलिया किरदार से जुड़ पाएंगी?
उन्होंने आगे आलिया भट्ट को लेकर कहा, “मेरी सबसे बड़ी चिंता यह नहीं थी कि वह बोली और एक्सेंट सही पकड़ पाएंगी या नहीं. असली चिंता यह थी कि क्या वह खुद और किरदार के बीच मौजूद दूरी को खत्म कर पाएंगी, क्योंकि वह पूरी तरह अलग सामाजिक-आर्थिक वर्ग और अलग दुनिया से आती हैं. यह ज्यादा मुश्किल सफर होता है, क्योंकि कोई भी एक्सेंट सीख सकता है. मुझे किरदार की असलियत की चिंता थी.”
पंकज त्रिपाठी बने आलिया भट्ट के मेंटर
अभिषेक चौबे ने इसी इंटरव्यू में बताया था, “इसके बाद मुझे पंकज त्रिपाठी को ट्रेनर बनाने का विचार आया. वह बिहार से आते हैं, इसलिए उस दुनिया और किरदार के माहौल को बहुत अच्छी तरह समझते हैं. हम रोज रीडिंग करते थे. एक समय के बाद कलाकार सवाल करने लगते हैं कि घंटों तक यह सब क्यों चल रहा है, लेकिन इससे बहुत मदद मिली.” उन्होंने कहा, “पंकज ने मुझे यह समझने में भी मदद की कि समाज के हाशिए पर रहने वाला तबका बेहद गरीब जरूर होता है, लेकिन शारीरिक रूप से काफी मजबूत और फुर्तीला भी होता है. इससे आलिया के किरदार की बैकस्टोरी को और गहराई मिली.”

पंकज त्रिपाठी ने ऐसे कराई आलिया को तैयारी
अभिषेक चौबे ने बताया, “पंकज त्रिपाठी, आलिया को लेटने के लिए कहते थे, उनकी आंखें बंद करवाते थे, हल्का संगीत चलाते थे और फिर उनके किरदार की अब तक की जिंदगी के बारे में बात करते थे. इससे आलिया उस किरदार से ऐसे जुड़ पाईं, जो शायद किसी और तरीके से संभव नहीं था.”
एक महीने की मेहनत में तैयार हुआ बिहारी डायलैक्ट और बॉडी लैंग्वेज
ट्राइड एंड रिफ्यूज्ड प्रोडक्शंस के साथ एक इंटरव्यू में आलिया भट्ट ने उड़ता पंजाब में बिहारी प्रवासी लड़की ‘कुमारी पिंकी’ का किरदार निभाने के लिए मिली ट्रेनिंग के बारे में बात की थी. आलिया भट्ट ने बताया था, “जिन किरदारों में अलग तरह की बोली या बॉडी लैंग्वेज होती है, जैसे ‘उड़ता पंजाब’, उसके लिए मैंने एक महीने की तैयारी की थी. बिहारी डायलैक्ट, बोलने का अंदाज… और क्योंकि फिल्म में मेरे ज्यादा डायलॉग नहीं थे, इसलिए जो एक लंबा डायलॉग था, उसकी भी मैंने पूरे एक महीने तक रिहर्सल की थी.” आलिया ने कहा, “बहुत कम लोग जानते हैं कि उस पूरे एक महीने के दौरान पंकज त्रिपाठी मेरे मेंटर थे. यह उस समय की बात है जब पंकज त्रिपाठी इतने मशहूर नहीं हुए थे. पूरे एक महीने तक वह हर दिन मुझे एक्टिंग एक्सरसाइज और कई चीजें सिखाते थे.”

Udta Punjab Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर भी साबित हुई सफल फिल्म
- ‘उड़ता पंजाब’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग ₹97.05 करोड़ था.
- भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन ₹60.33 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन ₹83.80 करोड़ रहा था.
- फिल्म का बजट लगभग ₹47 करोड़ था और बॉक्स ऑफिस पर इसे एक कमर्शियल हिट माना गया था.
फिल्म के लिए आलिया भट्ट को मिला था बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड
आलिया भट्ट को 62वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में भी उन्हें दो फिल्मों के लिए नॉमिनेशन मिला था- ‘उड़ता पंजाब’ और ‘डियर जिंदगी’. उड़ता पंजाब में आलिया ने अपने प्रदर्शन के लिए बेस्ट एक्टर (महिला) कैटेगरी में पुरस्कार जीता था. अलिया ने अवॉर्ड मिलने के बाद कहा था, “ उड़ता पंजाब मेरे दिल के बहुत करीब है. शाहिद, धन्यवाद कि आपने मुझे यह स्क्रिप्ट भेजी. आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है. श्रीदेवी जी से यह अवॉर्ड लेना मेरे लिए सम्मान की बात है. उन्होंने अपने पिता महेश भट्ट का नाम लेते हुए कहा था, “मेरे पापा ने कहा था कि मुझे लगता है तुम जीतोगी. तुम्हें वही करना चाहिए जो तुम्हें सही लगे. अगर रोना है तो रो लो. यह मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है.”
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By दिव्या केशरी
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शिक्षा और पत्रकारिता की शुरुआत
दिव्या केशरी ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की, जहां उन्हें अलग-अलग बीट्स पर काम करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने कई स्पेशल स्टोरी और न्यूज पैकेज तैयार किए. झारखंड से जुड़ी कई अहम खबरों पर काम करते हुए उन्होंने रिसर्च और आसान भाषा में खबर लिखने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया.
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