Irrfan Khan Birth Anniversary: इरफान खान की जिंदगी का वो ख्वाब, जो कभी पर्दे पर नहीं आ सका
Published by : Sheetal Choubey Updated At : 07 Jan 2026 7:00 AM
इरफान खान की बर्थ एनिवर्सरी, फोटो- इंस्टाग्राम
Irrfan Khan Birth Anniversary: इरफान खान की 58वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानिए उनके जीवन का वो सपना, जो कभी पूरा नहीं हो पाया. मुगल-ए-आजम के निर्देशक के. आसिफ पर फिल्म बनाने की थी ख्वाहिश.
Irrfan Khan Birth Anniversary: भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में शुमार इरफान खान की आज, 7 जनवरी 2026 को 58वीं बर्थ एनिवर्सरी है. इरफान भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शानदार अदाकारी और निभाए गए यादगार किरदार उन्हें हमेशा जिंदा रखते हैं. उन्होंने अपने करियर में ऐसे-ऐसे रोल किए, जिनकी मिसाल आज भी दी जाती है.
जब भी इंडस्ट्री के सबसे उम्दा और चुनिंदा कलाकारों की बात होती है, तो उसमें इरफान खान का नाम जरूर लिया जाता है. कम शब्दों में गहरी बात कह जाना और आंखों से अभिनय कर जाना उनकी सबसे बड़ी ताकत थी. ऐसे में बहुत कम लोग जानते होंगे कि इरफान खान का एक सपना भी था, जो अधूरा रह गया। आखिर वह सपना क्या था, आइए जानते हैं.
इरफान खान का वो सपना, जो रह गया अधूरा
बहुत कम लोग जानते हैं कि इरफान खान का एक ऐसा सपना भी था, जो कभी पूरा नहीं हो सका. यह किस्सा साल 2013 का है, जब उनकी फिल्में ‘किस्सा’ और ‘द लंचबॉक्स’ की स्पेशल स्क्रीनिंग लंदन फिल्म फेस्टिवल में हो रही थी.
इसी दौरान वहां राइटर वरुण ग्रोवर भी मौजूद थे. एक पार्टी के दौरान इरफान खान एक कोने में बैठे थे, तभी वरुण ग्रोवर उनसे मिलने पहुंचे. बातचीत के दौरान इरफान ने अचानक फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ का जिक्र छेड़ दिया.
के. आसिफ की भूमिका निभाने की थी ख्वाहिश
इरफान खान ने वरुण ग्रोवर से कहा था कि उनकी जिंदगी का एक बड़ा सपना है, मुगल-ए-आजम के निर्देशक के. आसिफ की जिंदगी पर एक फिल्म बने और वह उसमें के. आसिफ का किरदार निभाएं.
इरफान का मानना था कि के. आसिफ ने इतनी भव्य और कालजयी फिल्म आखिर क्यों और कैसे बनाई, इस पर बहुत कम रिसर्च हुई है. उन्होंने यह भी कहा था कि उस दौर से जुड़े बहुत ज्यादा रिकॉर्ड अब बचे नहीं हैं, इसलिए इस कहानी को पर्दे पर लाना बेहद जरूरी है.
रिसर्च की बात अधूरी रह गई
इरफान खान ने वरुण ग्रोवर से इस विषय पर रिसर्च करने और एक मजबूत कहानी तैयार करने को कहा था. वरुण ग्रोवर ने कुछ समय तक इस पर काम भी किया, लेकिन ज्यादा वक्त नहीं दे पाए. धीरे-धीरे दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए और यह सपना अधूरा ही रह गया.
इरफान खान का यह अधूरा सपना आज भी उनके चाहने वालों को भावुक कर देता है. उन्होंने भले ही दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन उनकी सोच, उनकी कला और उनके सपने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.
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By Sheetal Choubey
शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और एंटरटेनमेंट बीट पर काम करती हैं. बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से पूरी हुई. 12वीं खत्म होने के बाद उनकी दिलचस्पी पत्रकारिता की ओर बढ़ी, जिसके चलते उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. करियर की शुरुआत शीतल ने शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन के साथ-साथ एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के अलावा वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग भी सीखी. करीब एक साल तक काम करने के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. प्रभात खबर में शुरुआत में शीतल ने बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट गॉसिप्स पर काम किया. फिलहाल वह टीवी और OTT रियलिटी शोज से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. आसान भाषा में एंगेजिंग और SEO फ्रेंडली कंटेंट लिखना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो पाठकों को आसानी से समझ आएं और उनसे जुड़ाव महसूस हो. डिजिटल मीडिया में लगातार सीखते हुए शीतल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. नए ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझते हुए यूजर्स तक तेजी से सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है.
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