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Exclusive : सलमान भाई सिर्फ सपने नहीं दिखाते...सपने टूटने पर संभालते भी हैं- आयुष शर्मा

फ़िल्म अंतिम द फाइनल ट्रुथ में सलमान खान के साथ आयुष शर्मा नजर आएंगे. वे फ़िल्म में सलमान खान के किरदार को चुनौती देते नजर आएंगे. इस फ़िल्म के अनुभव को लेकर उन्होंने खास बातचीत की.

By उर्मिला कोरी
Updated Date
आयुष शर्मा ने अंतिम फिल्म के अनुभव किए साझा
आयुष शर्मा ने अंतिम फिल्म के अनुभव किए साझा
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फ़िल्म अंतिम द फाइनल ट्रुथ जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देगी. इस फ़िल्म में सलमान खान के साथ अभिनेता आयुष शर्मा फ़िल्म का अहम हिस्सा हैं. वे फ़िल्म में सलमान खान के किरदार को चुनौती देते नजर आएंगे. इस फ़िल्म के अनुभव को वे सपने के साकार होने जैसा करार देते हैं. इस फ़िल्म ,सलमान खान सहित उनके अब तक के कैरियर पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत...

फ़िल्म अंतिम द फाइनल ट्रुथ में आप सलमान खान के खिलाफ हैं.आपदोनों में लड़ाई है दूसरी ही फ़िल्म में इतनी बड़ी जिम्मेदारी इस अनुभव को क्या कहेंगे

मुझे तो अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि पोस्टर में मैं उनके साथ हूं और फ़िल्म में उनके खिलाफ खड़ा हूं. सलमान भाई से मेरे पारिवारिक रिश्ते हैं.सलमान भाई को मैं अपना गुरु मानता हूं.यह सब बाद की बातें हैं.सबसे अहम ये है कि हर एक्टर की तरह मैं भी उनके साथ एक्टिंग करने की ख्वाइश रखता था और इस फ़िल्म ने मेरे उसी सपने को पूरा किया है. पोस्टर में भले ही हम दोनों को एक दूसरे के अपोजिट रखा गया है, लेकिन टक्कर देने की बात दूर दूर तक नहीं हो सकती है. फ़िल्म में हमारे बीच जो फाइटिंग सीन है.उसको लेकर इतना नर्वस था कि मैंने कहा कि मैं भाई के बॉडी डबल के साथ ये सीन करना चाहूंगा, लेकिन भाई ने मना कर दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य में तुम्हे और भी सुपरस्टार्स के साथ काम करना होगा. उनके साथ भी यही करोगे क्या.उसके बाद हमने साथ में फाइटिंग सीन्स किए.

सलमान खान की क्या क्वालिटी उन्हें सबसे खास बनाती है

बड़े दिलवाला इंसान . सलमान भाई जैसा कोई नहीं है.सपने दिखाने वाले बहुत लोग होते हैं लेकिन जब वो सपने टूटते हैं तो कोई संभालता नहीं है लेकिन सलमान भाई ऐसे इंसान हैं.जो आपको सपने दिखाते ही नहीं बल्कि संभालते भी हैं. जब मुझे मालूम हुआ कि इस फ़िल्म में मेरे अपोजिट सलमान भाई हैं तो मैंने उन्हें कहा भी कि कोई दर्शक आपके अपोजिट उस शख्स को देखना चाहेगा.जिसका अपना एक रुतबा हो. जबकि मेरी तो यह दूसरी फिल्म है.सलमान भाई ने कहा कि वही तो लोगों को यकीन दिलाना है. तुम अपनी दूसरी फिल्म में ये कर सकते हो तो लोगों का तुम पर विश्वास और बढ़ेगा.

इस फ़िल्म के लिए आपने अपनी बॉडी को जबरदस्त ट्रांसफॉर्म किया है सबसे मुश्किल क्या था

मेरे लिए सबसे मुश्किल वजन बढ़ाना था.मैं ऐसा इंसान हूं. जो दुबला पतला रहा है.वजन बढ़ाना मेरे लिए आसान नहीं था. इस बॉडी के लिए मुझे 16 किलो अपना वजन बढ़ाना पड़ा. इस बॉडी को पाने के लिए तीन साल तक हर दिन मैंने मेहनत की है.खाली पेट कार्डियो करना फिर कुछ खाना उसके बाद वर्कआउट.पूरे दिन छोटे छोटे मील लेता था फिर वर्कआउट करता था.मेरे ट्रेनर ने मेरी बिल्डिंग में ही छोटा सा जिम बनाया था जहां मैं वर्कआउट करता था.

आपकी पहली फ़िल्म लवयात्री कामयाब नहीं रही थी,काफी कुछ आपके खिलाफ लिखा गया था उस फ़िल्म के बाद किस तरह से खुद पर काम किया

मैं खुद को एक्टर नहीं बल्कि स्टूडेंट मानता हूँ. मैं सीख रहा हूँ. कई बार हमलोग फ़िल्म क्रिटिक्स को अपना दुश्मन मान लेते हैं. ये मेंरी ऐसी ही बैंड बजा रहे हैं. मैं ऐसा नहीं हूं.मैंने हर रिव्यु को पढ़ा और समझा कि कहाँ काम करना है तो मैं एक लिस्ट बनाकर काम कर रहा था कि पहलुओं पर काम करना है. मैंने पाया कि अंतिम में रावलिया किरदार के किरदार के लिए मुझे फिजिकल बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन के साथ साथ अपने माइंडसेट पर भी काम करना है. मैं जानता था कि मैंने अपने करियर के शुरुआत में एक बड़ी फिल्म उठा ली है. जिसमें सलमान खान हैं. निर्देशक के तौर पर महेश मांजरेकर जुड़े हैं. एक बहुत बड़ा चैलेंज मेरे सामने हैं तो मैं मुझे अपना बेस्ट देना है.

आप ट्रोलिंग का भी बहुत शिकार होते हैं उनसे डील करना कितना मुश्किल होता है

बहुत ज़्यादा, अक्सर लोग लिखते हैं कि ये तो खत्म हो गया है. इसकी तो फिल्म आ नहीं रही है. काम नहीं है इसके पास लेकिन आपको पता होता है कि मेरे पास काम है लेकिन कुछ लोगों को बस आपके बारे में बुरा लिखना है. मुझे याद है लव यात्री के बाद मुझे इस फिल्म के लिए अपना वजन बढ़ाना था. मेरी कोई और फिल्म नहीं थी तो मैंने अपनी दाढ़ी भी बढ़ा ली थी तो लोगों ने लिखना शुरू कर दिया कि मैं डिप्रेशन में चला गया हूँ. उस वक़्त लोगों की बात ना सुनना और खुद पर विश्वास करना कि जो रास्ते पर मैं निकल चुका हूँ. वो मैं पूरा कर जाऊँगा. ये मेरे लिए थोड़ा मुश्किल था. ये सोचता था कि जल्दीबाज़ी तो नहीं कर दी. मुझे सेफ्टी के लिए दो तीन फिल्में और करने के बाद ये रिस्क लेना था कि ये नहीं चलती तो कुछ और होगा. बहुत अजीब लगता है जब लोग पूछते कि इसके बाद क्या. देखते हैं क्या होता है ये फिल्म मेरे लिए करो या मरो टाइप है.

सलमान खान ने किस तरह से आपको इस फेज सपोर्ट किया

बहुत ज़्यादा. फ़िल्म शुरू होने के एक महीने पहले किसी ने ट्रोल कर दिया कि हम आयुष शर्मा को नहीं चाहते हैं. मैंने पढ़ा तो लगा कि यार मैंने क्या किसी का बिगाड़ा है और वह ट्विटर पर ट्रेंडिंग कर रहा था. मैंने भाई से पूछा कि मुझे ये फिल्म नहीं करनी चाहिए क्या. उन्होंने कहा कि तुम इस फिल्म के लिए तीन साल से मेहनत कर रहे हो. ये ट्वीट कितने लोगों ने किया है. मैंने बताया कि चार से पांच हज़ार. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की आबादी बहुत है बेटा पांच हज़ार लोग फिल्म नहीं देखेंगे तो भी फिल्म हिट है

आपके ससुर सलीम साहब ने बतौर एक्टर आपकी अब तक की जर्नी में किस तरह से सपोर्ट किया है

फ़िल्म लवयात्री उन्हें पसंद आयी थी. उन्हें लगा था कि उस फिल्म में एक तरह की मासूमियत है.फ़िल्म की रिलीज के सात दिनों बाद वे मेरे साथ बैठें. उन्होंने कहा कि जो भी लोग कह रहे हैं.उन्हें दिमाग पर हावी मत करो.मुझे लगता है कि तुम में काबिलियत है.अगर ऐसा नहीं होता तो मैं खुद तुम्हे बोलता कि एक्टिंग छोड़ दो. हां खुद पर और मेहनत करो. अंतिम द फाइनल ट्रुथ उन्होंने देख ली है. फ़िल्म देखने के बाद उन्होंने एक ही बात कही कि एंग्री यंग मैन और मैं इसे बहुत बड़ा कॉम्पलिमेंट करार दूंगा. उनके मुंह से ये बात सुनना बहुत बड़ी बात है

जैसा कि आप बता रहे हैं कि इस फ़िल्म के लिए आपने बहुत मेहनत की है क्या आपको लगता है कि खान परिवार के साथ आपका नाम जुड़ा होने की वजह से लोग आपकी मेहनत कम नोटिस करते हैं

आप जब बहुत बड़े बरगद के पेड़ के नीचे होते हैं. उसके नीचे आपको धूप कम मिलती है. आपको ये देखना है कि आपको धूप चाहिए या छांव. जब लोगों को मालूम पड़ता है कि सलमान खान मेरे मेंटर हैं तो लोगों की उमीदें भी उतनी बढ़ जाती हैं इसलिए मुझे इतनी मेहनत करके परदे पर उतरना ही होगा. मैं खुद को लकी एक्टर मानता हूँ. पहली फिल्म में सलमान भाई ने मुझे लांच किया था और दूसरी फिल्म में वो खुद मेरे साथ आ गए हैं. ऐसा प्लेटफार्म बहुत सारे एक्टर्स को नहीं मिलता है और अगर मुझे मिल रहा है तो इसके लिए मुझे खरा उतरना भी बहुत ज़रूरी है. ये प्रेशर तभी कम होगा जब लोगों को मेरा काम दिखना शुरू होगा तो मैं इस पहलू को निगेटिव तौर पर नहीं देखता हूँ. जिसको जो बोलना है बोलने दीजिए

अक्सर ऐसी भी बातें सामने आती हैं कि एक्टर्स ने सामने से निर्देशक को अप्रोच किया क्या आप भी इसके लिए तैयार हैं

मैं ये मानता हूँ कि आप तब अप्रोच कीजिये जब आप मांगने के लायक हैं. फिल्म सिर्फ एक्टिंग का नाम नहीं है यह फिल्मों का बिजनेस है. फिल्म इस बात पर बहुत निर्भर करती है कि आप कितने बड़े स्टार हैं. कितना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ला सकते हैं. आप फिल्म का कितना बड़ा डिजिटल और सैटेलाइट डील ला सकते हैं. रोहित शेट्टी मेरी भी विश लिस्ट में हैं लेकिन वो बड़ी फिल्में बड़े स्टार्स के साथ बनाते हैं वो मुझे लेकर इतने बड़े स्केल की फिल्म क्यों बनाएंगे. मैं धीरे धीरे एक एक स्टेप आगे बढ़ने में यकीं करता हूं. मैं दुआ करता हूँ कि जब लोगों को लगे कि इसमें बात है तो मैं लोगों को अप्रोच करना चाहूंगा. मुझे लगता है कि काम बोलना चाहिए मैं नहीं .

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