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UPSC Hindi Medium: क्या हिंदी मीडियम से UPSC पास करना मुश्किल है?

Updated at : 14 Jun 2025 1:33 PM (IST)
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UPSC Hindi Medium Toppers

UPSC Hindi Medium Toppers

UPSC Hindi Medium: IAS परीक्षा में हिंदी माध्यम से सफलता पाना संभव है, लेकिन इसमें कुछ अतिरिक्त चुनौतियां होती हैं. सही रणनीति, मेहनत और मार्गदर्शन से ये बाधाएं पार की जा सकती हैं. कई टॉपर्स ने हिंदी माध्यम से UPSC में सफलता पाई है.

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UPSC Hindi Medium: UPSC सिविल सेवा परीक्षा (IAS) भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, जिनमें एक बड़ी संख्या हिंदी माध्यम (Hindi Medium) से पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों की होती है. लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या हिंदी माध्यम से IAS बनना आसान है या कठिन?

माध्यम मायने रखता है या मेहनत?

UPSC परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें किसी भी भाषा माध्यम से परीक्षा देने की सुविधा है. हालांकि आंकड़ों के मुताबिक, अंग्रेजी माध्यम के उम्मीदवारों की सफलता दर अधिक दिखती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हिंदी माध्यम से सफल होना असंभव है. कई हिंदी माध्यम के छात्र IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं में चयनित हुए हैं और ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं.

चुनौतियां क्या हैं?

हिंदी माध्यम के छात्रों को कुछ विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:

  • अच्छी क्वालिटी के स्टडी मटेरियल की कमी
  • टॉपिक की गहराई से समझ के लिए सीमित संसाधन
  • इंटरव्यू और मेंस परीक्षा में भाषा कौशल की परीक्षा

लेकिन सही मार्गदर्शन, रणनीति और समर्पण से इन चुनौतियों को पार किया जा सकता है.

हिंदी मीडियम से UPSC पास करने वाले मशहूर ऑफिसर

हिंदी माध्यम से UPSC परीक्षा पास करने वाले कई उम्मीदवारों ने यह साबित किया है कि भाषा कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनती. ऐसे ही कुछ प्रेरणादायक नामों में सबसे पहला नाम आता है गोविंद जायसवाल का, जिन्होंने 2006 में सिर्फ 24 वर्ष की उम्र में 48वीं रैंक हासिल कर IAS बने. बनारस के एक रिक्शा चालक के बेटे गोविंद ने तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को पार करते हुए हिंदी माध्यम से पढ़ाई की और देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाई.

एक और नाम है अवनीश शरण का, जिन्होंने 2009 में 77वीं रैंक प्राप्त कर IAS बने. बिहार के समस्तीपुर से आने वाले अवनीश ने सरकारी स्कूलों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई की और बिना किसी विशेष संसाधन के यह सफलता हासिल की. वे आज भी छात्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेरणा देते रहते हैं.

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Pushpanjali

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By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

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