UPPSC Students Protest: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पर फूटा छात्रों का गुस्सा, जानें क्या है पूरा मामला

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UPPSC Students Protest

UPPSC Students Protest Reason

उत्तर प्रदेश में छात्र जमकर कर रहे यूपीपीएसएसी के खिलाफ प्रोटेस्ट, नॉर्मलाइजेशन हटाने की लगातार कर रहे मांग, ऐसे में जानें क्या है नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया और क्या है छात्रों की मांग.

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UPPSC Students Protest Reason: उत्तर प्रदेश राज्य के प्रयागराज में बीते दिन से छात्रों का उग्र आंदोलन देखा जा रहा है, बता दें कि सैंकड़ों छात्र यूपीपीसीएस ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने ऑफिस का घेराव भी कर दिया है. यहीं नहीं बल्कि दिल्ली के मुखर्जी नगर में भी एक प्रदर्शन शुरू हो गया है. ऐसे में जानें क्या है इस प्रदर्शन के पीछे का पूरा मामला और क्या है छात्रों की सरकार से मांग.

उत्तर प्रदेश में क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र?

बता दें, कि उत्तर प्रदेश में कल यानि 11 नवंबर से छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा ऑफिस का घेराव किया हुआ है और वहां धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं. दरअसल 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के तरफ से यूपी पीसीएस और RO/ARO परीक्षा की डेट्स जारी हुई थी जिसमें लिखा था कि दोनों ही परीक्षाएं 2 दिन और 2 शिफ्ट में होंगी. इस नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद छात्रों के बीच आक्रोश पैदा हो गया. छात्रों की यह मांग है कि यह परीक्षा एक ही दिन में और एक ही शिफ्ट में हो, साथ ही छात्र पूर्ण रूप से नॉर्मलाइजेसन के भी खिलाफ हैं. इसी को लेकर 8 नवंबर को दिल्ली के मुखर्जी नगर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया और इसके बाद वे भी प्रयागराज पहुंच गए. अब सैंकड़ों की संख्या में छात्र प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे हैं.

क्या है नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया? (What is normalisation process)

नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के तहत जिन किन्हीं भी उम्मीदवार को अपना परसेंटेज स्कोर जानना हो उनके प्राप्त अंक के बराबर या कम अंक हासिल करने वाली सभी उम्मीदवारों की संख्या को इस शिफ्ट में मौजूद सभी उम्मीदवारों की संख्या से डिवाइड किया जाएगा और फिर इसे 100 से मल्टीप्लाई किया जाएगा.

नॉर्मलाइजेशन से क्यों है छात्रों को आपत्ति?

नॉर्मलाइजेशन के प्रोसेस से छात्र इसलिए नाराज हैं क्योंकि उनके मुताबिक अगर परीक्षा दो शिफ्ट में है, उसमें से एक का पेपर आसान है और दूसरे का मुश्किल. तो पहले शिफ्ट में छात्रों ने अगर 150 में 120 अंक हासिल किए हैं, और दूसरे शिफ्ट में अगर 150 में से 100 अंक औसतन छात्रों को हासिल हुए हैं तो नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के तहत दूसरे शिफ्ट के उम्मीदवारों के अंक बढ़ा दिए जाएंगे जो कि पहले शिफ्ट के उम्मीदवारों के लिए गलत है.

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By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है. मैं पिछले 2.5 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रही हूं. इस दौरान मैंने मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ, फैशन, ब्यूटी और होम टिप्स से जुड़े कंटेंट पर काम किया है. मुझे ऐसे आर्टिकल लिखना पसंद है जो आसान भाषा में हों और पाठकों के लिए उपयोगी भी हों. मैं ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर रिसर्च करके SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करती हूं. इसके साथ ही आकर्षक हेडलाइन लिखना, सही जानकारी जुटाना और डिजिटल ऑडियंस की पसंद के अनुसार कंटेंट तैयार करना मेरी प्रमुख जिम्मेदारियों का हिस्सा रहा है. मैं हमेशा नई चीजें सीखने और अपने लेखन को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. मेरा उद्देश्य ऐसा कंटेंट तैयार करना है जो लोगों तक सही जानकारी सरल और दिलचस्प तरीके से पहुंचाए.

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Frequently Asked Questions

बता दें, कि उत्तर प्रदेश में कल यानि 11 नवंबर से छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा ऑफिस का घेराव किया हुआ है और वहां धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं. दरअसल 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के तरफ से यूपी पीसीएस और RO/ARO परीक्षा की डेट्स जारी हुई थी जिसमें लिखा था कि दोनों ही परीक्षाएं 2 दिन और 2 शिफ्ट में होंगी. इस नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद छात्रों के बीच आक्रोश पैदा हो गया. छात्रों की यह मांग है कि यह परीक्षा एक ही दिन में और एक ही शिफ्ट में हो, साथ ही छात्र पूर्ण रूप से नॉर्मलाइजेसन के भी खिलाफ हैं. इसी को लेकर 8 नवंबर को दिल्ली के मुखर्जी नगर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया और इसके बाद वे भी प्रयागराज पहुंच गए. अब सैंकड़ों की संख्या में छात्र प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे हैं.