राजस्थान में दो साल में 8 लाख से ज्यादा छात्रों की संख्या घटी, सरकारी स्कूलों पर सबसे ज्यादा असर

Updated:
विज्ञापन
स्कूली बच्चे

स्कूली बच्चे

Rajasthan Sarkari School: राजस्थान में पिछले दो शैक्षणिक वर्षों के दौरान 8 लाख से अधिक छात्रों ने स्कूल व्यवस्था से दूरी बना ली है. इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर सरकारी स्कूलों पर पड़ा है. UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार, ये आंकड़ें सामने आए हैं.

विज्ञापन

Rajasthan Sarkari School: राजस्थान में पिछले दो शैक्षणिक वर्षों के दौरान 8 लाख से अधिक छात्रों ने स्कूल व्यवस्था से दूरी बना ली है. ताजा UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार, यह केवल जनसंख्या में बदलाव का असर नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों के सामने छात्रों को बनाए रखने की बढ़ती चुनौती को भी दर्शाता है.

दो साल में 8 लाख से ज्यादा छात्रों की कमी

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में कुल स्कूल नामांकन (Enrolment) 2023-24 में 1.67 करोड़ था, जो 2025-26 में घटकर 1.59 करोड़ रह गया. यानी दो वर्षों में 8 लाख से अधिक छात्रों की कमी दर्ज की गई.

सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा गिरावट

आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर सरकारी स्कूलों पर पड़ा है. इन स्कूलों में 9.3 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन कम हुआ, जबकि निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगभग स्थिर बनी रही.

शिक्षकों की संख्या बढ़ी, फिर भी घटे छात्र

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि स्टूडेंट्स की संख्या घटने के बावजूद राज्य में शिक्षकों की संख्या बढ़ी है. 2023-24 में जहां 7.75 लाख शिक्षक थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 7.93 लाख हो गई.

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

पूर्व यूनिसेफ (UNICEF) नीति योजनाकार केबी कोठारी ने कहा कि इन आंकड़ों को भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Transition) के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. उनका मानना है कि जन्म दर में कमी और बदलती आबादी की संरचना का असर स्कूलों में नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है. हालांकि, सरकारी स्कूलों से छात्रों का लगातार कम होना शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.


यह भी पढ़ें- 35 से कम उम्र के युवा नहीं खोज रहे हैं नौकरी, डराने वाली है अमेरिका की ये रोजगार रिपोर्ट, इकोनॉमिस्ट ने दी चेतावनी


विज्ञापन
शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola