35 से कम उम्र के युवा नहीं खोज रहे हैं नौकरी, डराने वाली है अमेरिका की ये रोजगार रिपोर्ट, इकोनॉमिस्ट ने दी चेतावनी

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मार्क जैंडी (PC-X)

मार्क जैंडी (PC-X)

Mark Zandi On Unemployment Rate: मूडीज एनालिटिक्स के इकोनॉमिस्ट मार्क जैंडी ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की जून रोजगार रिपोर्ट वास्तविक स्थिति नहीं दिखाती. उनका कहना है कि खासकर 35 साल से कम उम्र के कई युवाओं ने नौकरी तलाशना छोड़ दिया है, जिससे बेरोजगारी के आंकड़े भ्रामक नजर आ रहे हैं.

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Mark Zandi On Unemployment Rate: मूडीज एनालिटिक्स (Moody's Analytics) के इकोनॉमिस्ट मार्क जैंडी (Mark Zandi) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की जून 2026 की रोजगार रिपोर्ट असली स्थिति नहीं दिखाती. उनके अनुसार, रिपोर्ट देखकर ऐसा लगता है कि नौकरी का बाजार मजबूत है, लेकिन सच कुछ और है. जैंडी ने इस लेकर कई X पोस्ट किए हैं. 

35 साल से कम उम्र के युवा अब नहीं खोज रहे हैं नौकरी 

जैंडी के एक X पोस्ट के अनुसार, बेरोजगारी दर तो थोड़ी कम हुई है, लेकिन इसकी वजह ज्यादा लोगों को नौकरी मिलना नहीं है. असल में बड़ी संख्या में लोगों ने नौकरी ढूंढना ही छोड़ दिया है, इसलिए वे लेबर फोर्स की गिनती से बाहर हो गए हैं. लगभग हर उम्र और सोशल स्टेटस में यह संख्या घटी है, खासकर 35 साल से कम उम्र के युवाओं में. वहीं, काम करने की उम्र वाले लोगों में नौकरी करने वालों की संख्या घटी है. जैंडी ने इन आंकड़ों पर चिंता जताई. 

बेरोजगारी दर में गिरावट भ्रामक

मार्क जैंडी का कहना है कि बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) में आई गिरावट सुधार का संकेत नहीं है. उन्होंने कहा कि यह गिरावट इसलिए दिखी क्योंकि लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन (Labour Force Participation) यानी काम करने या नौकरी तलाशने वाले लोगों की संख्या तेजी से कम हुई है.


उन्होंने बताया कि लेबर फोर्स में भागीदारी लगभग सभी आयु और सामाजिक समूहों में घटी है, लेकिन 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में यह गिरावट सबसे अधिक रही. साथ ही, प्राइम एज वर्कर्स (Prime-age Workers) का Employment-to-Population Ratio भी कम हुआ है.

जून में सिर्फ हेल्थसेक्टर में नौकरियां मिली हैं 

मार्क जैंडी ने बताया कि जून में नई नौकरियां तो बढ़ीं, लेकिन बढ़ोतरी बहुत कम रही. साथ ही, पहले के महीनों में रोजगार बढ़ने के आंकड़ों को भी बाद में घटा दिया गया. उन्होंने कहा कि जून में मिली ज्यादातर नौकरियां हेल्थकेयर सेक्टर में थीं, जबकि बाकी क्षेत्रों में भर्ती कमजोर रही.

संशोधित बेरोजगारी दर 5% से अधिक

जैंडी ने अपने एक अन्य पोस्ट में अपने ‘विसियस-साइकिल मापदंड' की चर्चा की और कहा बेरोजगारी दर का आकलन श्रम बल (लेबर फोर्स) में भागीदारी को ध्यान में रखकर किया जाता है. जून में यह आंकड़ा 5% से ऊपर पहुंच गया. यानी अगर बड़ी संख्या में लोगों ने नौकरी ढूंढना बंद नहीं किया होता, तो अमेरिका की बेरोजगारी दर 5% से अधिक होती. इसलिए मैंने पहले भी कहा था कि जून की रोजगार रिपोर्ट को लेकर जो पॉजिटिव बातें कही जा रही हैं, वे रियालिटी से मैच नहीं करती हैं. 

अन्य अर्थशास्त्रियों ने भी जताई चिंता

Indeed Hiring Lab की अर्थशास्त्री लौरा उलरिच (Laura Ullrich) ने भी रिपोर्ट को लेकर चिंता जताई. उनका कहना है कि लेबर फोर्स में भागीदारी में गिरावट का कारण यह हो सकता है कि काम करने के इच्छुक लोगों की संख्या कम हो रही है, न कि कंपनियों की भर्ती करने की इच्छा.

वहीं ARK Invest की संस्थापक कैथी वुड (Cathie Wood) ने जून रोजगार रिपोर्ट को "अजीब (Weird)" बताया. उनका कहना है कि सरकारी रोजगार आंकड़ों में पेरोल सर्वे और हाउसहोल्ड सर्वे के बीच बड़े अंतर के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने श्रम बाजार की वास्तविक तस्वीर समझने के लिए निजी क्षेत्र के आंकड़ों (Private-sector Data) पर अधिक भरोसा करने की सलाह दी.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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