CBSE ने दी छात्रों को राहत, तीसरी भाषा में फेल होने पर भी मिलेगा प्रमोशन, जानें ये नियम

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स्टूडेंट्स की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

स्टूडेंट्स की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

CBSE Three Language Policy Update: CBSE ने स्पष्ट किया है कि तीसरी भाषा (R3) का मूल्यांकन केवल स्कूल लेवल पर किया जाएगा. इसके लिए बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी. बोर्ड के अनुसार, यदि कोई छात्र R3 विषय में पास नहीं होता है, तब भी उसे कक्षा 10 में प्रोन्नत (Promote) कर दिया जाएगा. इसी के साथ CBSE ने कुछ स्टूडेंट्स को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी में छूट भी दी है. आइए, जानते हैं CBSE ने नोटिस जारी कर क्या कहा.

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CBSE Three Language Policy Update: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर अपडेट जारी किया है. बोर्ड ने कहा कि तीसरी भाषा की इस साल बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. केवल स्कूलों में इंटरनेल परीक्षा में इसे शामिल किया जाएगा. CSBE ने कहा कि थ्री लैंग्वेज पॉलिसी NEP 2020 के तहत मल्टीपल लैंग्वेज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई गई थी. बोर्ड की मंशा छात्रों पर बोझ देने की नहीं हैं.

बोर्ड लेवल पर नहीं होगी R3 लैंग्वेज की परीक्षा

कक्षा 10 में R3 भाषा की कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. केवल स्कूल लेवल पर हुए टेस्ट के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा. कक्षा 6 (सत्र 2026-27) से तीन भाषाओं में से दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी. जब यह बैच कक्षा 10 में पहुंचेगा, तब R3 भाषा की बोर्ड परीक्षा देनी होगी.

9वीं में R3 में फेल होने पर भी मिलेगा प्रमोशन

CBSE के अनुसार, यदि कोई छात्र कक्षा 9 में R3 विषय में पास नहीं हो पाता, तो भी उसे कक्षा 10 में प्रमोट कर दिया जाएगा. हालांकि, छात्र को कक्षा 10 के दौरान इस विषय को पास करना जरूरी होगा.


10वीं का पास सर्टिफिकेट पाने के लिए R3 में पास होना जरूरी

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि CBSE सेकेंडरी (कक्षा 10) पास सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाएगा, जब छात्र R3 विषय में भी पास होगा. यानी तीसरी भाषा में पास होना अब 10वीं की डिग्री के लिए जरूरी होगा.

रिजल्ट से पहले मिलेगा दूसरा मौका

अगर कोई छात्र कक्षा 10 में R3 विषय में फेल हो जाता है, तो उसे रिजल्ट जारी होने से पहले दोबारा मूल्यांकन (Re-assessment) का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद ही फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा.

किन स्टूडेंट्स को मिलेगी तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) में छूट?

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CwSN) को तीसरी भाषा (R3) की अनिवार्यता से छूट मिलेगी. यह छूट दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) के अनुसार होगी. भारत के बाहर स्थित CBSE स्कूलों के छात्रों के लिए तीसरी भारतीय भाषा (R3) पढ़ना अनिवार्य नहीं होगा. दूसरे राज्य में स्थानांतरण (Migration) कराने वाले स्टूडेंट्स कक्षा 9 तक चुने गए भाषा को कक्षा 10 तक जारी रख सकता है.

CBSE ने कहा बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे छात्र

CBSE ने कहा है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य रटने की बजाय समझ विकसित करना और खुशनुमा सीखने का माहौल बनाना है. बोर्ड NEP 2020 के तहत परीक्षा सुधारों को लागू करेगा. इस बदलाव से किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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