बिहारी बेटी का सॉलिड वादा, 10 साल घर से दूरी, लौटी IPS बनकर तो गर्व से फूला पिता का सीना

Author :Ravi Mallick
Published by :Ravi Mallick
Updated at :10 Oct 2025 6:42 PM
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IPS Sakshi Kumari

IPS Sakshi Kumari (Image: Instagram)

IPS Sakshi Kumari Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक करने वाले हर छात्र की कहानी एक उदाहरण बन जाती है. ऐसी ही एक कहानी बिहार की बेटी आईपीएस साक्षी कुमारी की है. साक्षी ने साल 2021 में UPSC की परीक्षा शानदार रैंक से क्रैक की. हालांकि, उनके आईपीएस बनने की कहानी बेहद रोचक और प्रेरणादायक है.

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IPS Sakshi Kumari Success Story: कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल खुद रास्ता दिखा देती है. बिहार के कैमूर जिले की साक्षी कुमारी (IPS Sakshi Kumari) की कहानी इसी बात का जीता-जागता उदाहरण है. साक्षी ने अपने पिता से वादा किया था कि जब तक कुछ बड़ा नहीं कर लूंगी, तब तक घर वापस नहीं आऊंगी. इस वादे को निभाने के लिए उन्होंने पूरे 10 साल तक घर से दूर रहकर मेहनत की और आखिरकार UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करके IPS अधिकारी बन गईं.

IPS Sakshi Kumari Story: डीएवी स्कूल से पढ़ाई

साक्षी कुमारी (IPS Sakshi Kumari) का बचपन बहुत साधारण माहौल में बीता. वह कैमूर जिले के मोहनिया गांव की रहने वाली हैं. शुरुआती पढ़ाई DAV School मोहनिया से पूरी की. 10वीं पास करने के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें जिंदगी में कुछ ऐसा करना है जिससे माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा हो जाए.

साल 2011 में साक्षी बनारस चली गईं और सनबीम स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की. इसी साल उन्होंने गांव छोड़ दिया और तय कर लिया कि अब वापसी तभी होगी जब वह अपने सपने को पूरा कर लेंगी. उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी सिविल सेवा में जाए. साक्षी ने अपने पिता से वादा किया था कि वो UPSC परीक्षा क्रैक करेंगी.

लखनऊ से ग्रेजुएशन

12वीं के बाद साक्षी लखनऊ चली गईं. वहां उन्होंने रामस्वरूप कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया. ग्रेजुएशन खत्म होते ही साक्षी के अंदर UPSC का जुनून सवार हो गया. उन्होंने घर लौटने के बजाय दिल्ली का रुख किया ताकि पूरी ताकत से तैयारी कर सकें. दिल्ली में रहकर उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की.

सिविल सर्विस में मिली सफलता

पहले प्रयास में साक्षी को असफलता मिली. दूसरे प्रयास में भी वे सफल नहीं हो पाईं. लेकिन हार मानना उनके स्वभाव में नहीं था. उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया, रणनीति बदली और तीसरे प्रयास में UPSC 2021 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 330 हासिल कर ली. इस सफलता के साथ ही उनका IPS बनने का सपना पूरा हो गया.

IPS ट्रेनिंग के दौरान साक्षी कुमारी

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IPS साक्षी कुमारी कौन हैं?

IPS साक्षी कुमारी UPSC 2021 की पास आउट हैं. फिलहाल वो बलिया में डीएसपी के पद पर तैनात हैं. साक्षी कुमारी को गृह विभाग बिहार सरकार के द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बलिया के पद पर पदस्थापित किया गया है.

साक्षी कुमारी आईपीएस की रैंक कितनी है?

साक्षी कुमारी (IPS Sakshi Kumari) को UPSC में रैंक 330 प्राप्त हुआ था. उनका सेलेक्शन IPS सर्विस में हुआ.

साक्षी कुमारी किस जिले की रहने वाली हैं?

साक्षी कुमारी (IPS Sakshi Kumari) बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं के DAV School से पूरी की थी.

IPS साक्षी ने कहां से पढ़ाई की?

साक्षी कुमारी ने 10वीं के बाद वाराणसी के सनबीम स्कूल से 12वीं पास की. फिर लखनऊ के रामस्वरूप कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और बाद में दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी शुरू की.

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लेखक के बारे में

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रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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