फेलियर बना टर्निंग पॉइंट, फोन से बनाई दूरी, Rank 21 लाकर UPSC में गाड़ा झंडा

IES Mridupani Nambi (Image: Instagram)
IES Mridupani Nambi Success Story: कहते हैं जिंदगी में असली बदलाव वहीं से शुरू होता है, जहां इंसान हार के बाद खुद से एक वादा करता है. आईईएस ऑफिसर मृदुपाणि नंबी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. शुरुआती असफलताओं ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि एक नया रास्ता दिखाया और वो UPSC जैसी कठिन परीक्षा को रैंक 21 से क्रैक करने में सफल रहीं.
IES Mridupani Nambi Success Story: आईईएस ऑफिसर मृदुपाणि नंबी की सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. पहली बार UPSC में असफलता मिलने पर उन्हें भी गहरा झटका लगा. उस समय कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन मृदुपाणि ने फेलियर को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने इसे एक संकेत माना कि अब खुद को और बेहतर बनाना है. आइए उनकी UPSC जर्नी को करीब से देखते हैं.
IES Mridupani Nambi Success Story: कौन हैं मृदुपाणि नंबी?
मृदुपाणि नंबी यूपीएससी इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस यानी IES की साल 2022 बैच की ऑफिसर हैं. उन्होंने इस कठिन परीक्षा को Rank 21 लाकर क्रैक किया. मृदुपाणि नंबी हैदराबाद की रहने वाली हैं और उनकी पूरी स्कूलिंग भी वहीं से हुई है.
पढ़ाई में अव्वल रहने वाली मृदुपाणि (IES Mridupani Nambi) शुरू से इंजीनियर बनना चाहती थीं. 12वीं के बाद उन्होंने IIT JEE की तैयारी करने का फैसला किया. उनका फोकस हमेशा टेक्निकल फील्ड पर रहा और इसी सोच ने उनके करियर की दिशा तय की. मृदुपाणि ने जी नारायण इंस्टीट्यूट से BTech की डिग्री हासिल की. उन्होंने इलेक्ट्रिकल एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग ब्रांच से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.
BTech के बाद UPSC IES
इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्हें UPSC की परीक्षाओं के बारे में पता चला. IAS और IPS के साथ-साथ IES, ISS और IFS जैसी परीक्षाएं भी UPSC कराता है. यहीं से मृदुपाणि का मन UPSC Engineering Services यानी IES की ओर मुड़ गया और उन्होंने इसकी तैयारी शुरू कर दी.
ऑफिस में IES मृदुपाणि नंबी
फोन से बनाई दूरी
साल 2020 में मृदुपाणि ने UPSC IES का पहला प्रयास किया, लेकिन उन्हें असफलता मिली. सबसे ज्यादा चुभने वाली बात यह थी कि वह प्रीलिम्स सिर्फ 1 अंक से पास नहीं कर पाईं. यह पल उनके लिए बेहद मुश्किल था. इसी फेलियर के बाद उन्होंने खुद से एक कसम खाई. उन्होंने तय किया कि अब फोन से दूरी बनाएंगी. मोबाइल, सोशल मीडिया और बेवजह की चीजों को पूरी तरह बंद कर दिया.
फोन छोड़ने के बाद मृदुपाणि का पूरा ध्यान पढ़ाई पर आ गया. उन्होंने UPSC IES परीक्षा में Rank 21 हासिल की और IES ऑफिसर बन गईं. यह सफलता एक दिन में नहीं मिली, बल्कि उस फैसले का नतीजा थी, जो उन्होंने फेलियर के बाद लिया था.
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लेखक के बारे में
By Ravi Mallick
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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