कौन हैं 22 साल के इशित्व, UPSC इंटरव्यू में मिला टॉपर अनुज से ज्यादा मार्क्स

Updated at : 11 Mar 2026 8:47 PM (IST)
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Ishitwa Anand

इशित्व आनंद की फोटो (Image: Instagram)

Ishitwa Anand UPSC Marks: यूपीएससी सिविल सर्विस 2025 के लिए फाइनल मार्कशीट भी जारी हो गई है. मार्कशीट जारी होते ही बिहार के लाल इशित्व आनंद का नाम हर तरफ चर्चा में है. इशित्व ने UPSC इंटरव्यू में रैंक 1 लाने वाले अनुज अग्निहोत्री से भी ज्यादा मार्क्स हासिल किया है.

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Ishitwa Anand UPSC Marks: यूपीएससी 2025 की फाइनल मार्कशीट सामने आने के बाद बिहार के एक युवा का नाम हर तरफ चर्चा में है. यह नाम है Ishitwa Anand का. महज 22 साल की उम्र में इशित्व ने ऐसा कमाल कर दिया कि लोग हैरान रह गए. खास बात यह है कि उन्होंने इंटरव्यू में इतने अच्छे नंबर हासिल किए कि वह टॉपर Anuj Agnihotri से भी आगे निकल गए.

Ishitwa Anand UPSC Marks: यूपीएससी मार्कशीट शानदार

जब UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 की मार्कशीट जारी की, तब पता चला कि इशित्व आनंद के इंटरव्यू मार्क्स काफी शानदार रहे. उनका इंटरव्यू इतना दमदार रहा कि उन्होंने इस चरण में टॉपर अनुज अग्निहोत्री से भी ज्यादा नंबर हासिल कर लिए. यही वजह है कि अचानक से उनका नाम सोशल मीडिया और तैयारी कर रहे छात्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया.

इशित्व को यूपीएससी सिविल सर्विस में कुल 1011 मार्क्स मिले हैं. उन्हें लिखित परीक्षा में 796 मार्क्स और इंटरव्यू में 215 मार्क्स प्राप्त हुए हैं. वहीं, रैंक 1 लाने वाले अुज अग्निहोत्री को इंटरव्यू राउंड में 204 मार्क्स मिले हैं.

बिहार के रहने वाले

इशित्व आनंद का परिवार मूलरूप से बिहार के बाढ़ का रहने वाला है. हालांकि, इशित्व आनंद की पढ़ाई अलग अलग शहरों में हुई. उन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई मसूरी से पूरी की. इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई दिल्ली से की.

ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज से ज्योग्राफी में बीए की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखना शुरू कर दिया था.

मां रेलवे में करती हैं नौकरी

इशित्व के पिता राजेश कुमार पहले प्राइवेट इंजीनियर थे, लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर एक कोचिंग संस्थान शुरू किया. उनकी मां अनमोल कुमारी Railway Protection Force में एएसआई के पद पर तैनात हैं. वहीं दादी रेखा सिन्हा सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं और दादा आनंदी प्रसाद सिंह पोस्टमास्टर के पद से रिटायर हो चुके हैं.

पहले प्रयास में मिली सीख

इशित्व ने पहली बार UPSC दी तो उन्होंने प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली थी. लेकिन मेन्स परीक्षा में सफलता नहीं मिल पाई. उन्होंने अपनी कमजोरियों को समझा और तैयारी की रणनीति में बदलाव किया. इसी मेहनत का नतीजा रहा कि दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार वापसी की और पूरे देश में 50वीं रैंक हासिल कर ली.

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Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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