नहीं थमा हौसला, न रुकी जिद, चौथे प्रयास में मधुबनी के शिवम ने क्रैक किया UPSC

Published by : Smita Dey Updated At : 11 Jun 2026 11:20 AM

विज्ञापन

शिवम नारायण झा यूपीएससी AIR 597 (Instagram)

Shivam Narayan Jha AIR 597: मधुबनी के सिजोलिया गांव के शिवम नारायण झा ने यूपीएससी 2025 की परीक्षा क्रैक की है. उन्होंने यह एग्जाम अपने चौथे प्रयास में पास किया है. जानें शिवम की संघर्ष और सफलता की कहानी.

विज्ञापन

Shivam Narayan Jha AIR 597: बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले शिवम नारायण झा ने  देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में सफलता हासिल की है. मात्र 26 साल की उम्र में उन्होंने पूरे देश में 597वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है. आइए जानते हैं कि एक साधारण से गांव के लड़के ने कैसे अभावों के बीच रहकर देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास की.

Shivam Narayan Jha AIR 597: साधारण परिवार और पिता की मेहनत

शिवम एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता धर्म नारायण झा गांव में ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं और साथ में खेती-बाड़ी का काम भी करते हैं. उनकी माता बबीता झा एक हाउसवाइफ हैं. पिता खुद थोड़े पढ़े-लिखे थे, इसलिए उन्होंने बचपन से ही शिवम की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया. घर की आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बाद भी परिवार ने शिवम के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया.

गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर

आजकल लोग मानते हैं कि बड़े प्राइवेट स्कूलों में पढ़कर ही अफसर बना जा सकता है, लेकिन शिवम (Shivam Narayan Jha AIR 597) ने इस सोच को बदल दिया. उनकी शुरुआती पढ़ाई से लेकर दसवीं कक्षा तक की शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई है. पिता शिक्षक थे, इसलिए स्कूल के बाद वो खुद शिवम को घर पर गाइड करते थे. इसके बाद शिवम ने पटना जाकर आगे की पढ़ाई पूरी की.

इंजीनियरिंग के बाद दिल्ली में की तैयारी

दसवीं के बाद शिवम ने अपनी मेहनत के दम पर JEE Mains की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने अमेठी के राजीव गांधी टेक्निकल इंस्टीट्यूट से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. बीटेक करने के बाद शिवम का लक्ष्य साफ था यूपीएससी क्लियर करना. इसके लिए वह दिल्ली आकर दिन-रात मेहनत शुरू कर दी.

चौथे प्रयास में मिली कामयाबी

शिवम (Shivam Narayan Jha AIR 597) के लिए यह सफलता इतनी आसान नहीं थी. उन्हें यह मुकाम अपने चौथे प्रयास में मिला है. इससे पहले वो दो बार मुख्य परीक्षा (Mains) पास करके इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन लास्ट लिस्ट में उनका नाम नहीं आ पाया था. बार-बार इंटरव्यू से बाहर होने के बाद भी शिवम ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और आखिरकार चौथे प्रयास में UPSC एग्जाम पास कर लिया. 

यह भी पढ़ें: पिता लेखपाल, बेटे ने UPSC में लहराया परचम, हासिल की AIR 438

विज्ञापन
Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन