गरीबी नहीं रोक सकी सपना, सब्जी बेचने वाले की बेटी ने किया NEET क्रैक

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NEET क्रैक करने वाली आरजू (Image: Instagram)

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NEET Success Story: आरजू ने NEET UG 2026 एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6227 हासिल किया. उनका सपना मेडिकल काॅलेज में एडमिशन लेकर डाॅक्टर बनने का है. आइये जानते है उनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में.

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NEET Success Story: हर साल डॉक्टर बनने के सपने को लेकर लाखो स्टूडेंट्स नीट की परीक्षा देते हैं. हालांकि कई ऐसे स्टूडेंट्स होते है, जिनके पास संसाधनों की कमी होती है. ऐसे में आज हम हरियाणा के जींद की रहने वाली एक साधारण परिवार की बेटी आरजू के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने काफी सिमित संसाधनों के साथ पढ़ाई की और नीट क्रैक कर अपने परिवार का नाम रौशन किया. साथ ही एक मिशाल भी कयाम किया है. उन्होंने अपने रिजल्ट से प्रूव कर दिखाया की सपने पूरे करने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की जरूरत होती है.

Aarju NEET Score: कितने स्कोर किया नीट में?

उन्होंने क इंटरव्यू में बताय की उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी थी. यही वजह थी कि उन्होंने NEET UG 2026 एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक AIR 6227 हासिल किया. आर्थिक चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी भी समझौता नहीं किया. उनका सपना मेडिकल काॅलेज में एडमिशन लेकर डाॅक्टर बनने का है. उनका मानना है कि एक अच्छे डाॅक्टर के तौर पर जरूरतमंद लोगों की सेवा करेंगी.

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Aarju Struggle Journey: कैसी रही आरजू की स्ट्रगलिंग जर्नी?

इंटरव्यू में उन्होंने बताया है की दादाजी को समय पर इलाज न मिलने के कारण दादाजी को खोने का दर्द उनके जीवन में सबसे बड़ा बदलाव लाया. उसी दिन डाॅक्टर बनने का संकल्प लिया और जुनून ऐसा था कि आर्थिक चुनौतिया भी उनके कदम नहीं रोक सकीं. उस वक़्त वह छठी क्लास में थीं. उनके पिता सब्जी बेचने का काम करते है और उनकी माँ हाउस वाइफ है. वह अपने परिवार की मदद करने के लिए रेहड़ी पर सब्जियां बेचते-बेचते आगे बढ़ीं और कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रखी.

Aarju Study Hours: क्या थी उनकी पढ़ाई का शेड्यूल?

नीट क्रैक करने के लिए आरजू ने रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई की. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग विषय के लिए समय निर्धारित किया था. वह सब्जेक्ट्स को हमेशा रिवीजन करती रहती थी. इसके अलावा मौक टेस्ट और प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर सॉल्व करती थी.

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प्रगति सिन्हा

लेखक के बारे में

By प्रगति सिन्हा

मैं प्रगति सिन्हा पिछले लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हूं। मुझे मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ी खबरों और उसमे हो रहे बदलावों व अपग्रेडेशन को समझना एवं उसे लोगों तक पहुंचाना पसंद है। प्रभात खबर डिजिटल के माध्यम से मेरा प्रयास रहता है कि शिक्षा जगत में हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रम, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे और नई योजनाओं की जानकारी रीडर्स तक पहुंचा सकूं। मैं इससे पहले कोलकाता स्थित सन्मार्ग हिंदी डेली में एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुकी हूं.

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