857वीं रैंक से AIR 48 तक का सफर, बांका के अनिकेत ने UPSC में गाड़ा झंडा

अनिकेत रंजन UPSC AIR 48 (Social Media)
Aniket Ranjan AIR 48: बिहार के बांका जिले के अनिकेत रंजन ने UPSC में 48वीं रैंक हासिल करके रचा इतिहास. जानें कैसे इनकम टैक्स ऑफिसर की नौकरी के साथ सेल्फ स्टडी और बेहतर टाइम मैनेजमेंट से उन्होंने तय किया 857वीं रैंक से टॉप 50 तक का शानदार सफर.
Aniket Ranjan AIR 48: बिहार के बांका जिले के अनिकेत रंजन ने यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में एक बार फिर अपना परचम लहराया है. अनिकेत ने देश की इस सबसे कठिन परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस सफलता से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं. अनिकेत की यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो सिविल सर्विस में जाना चाहते हैं. आइए अनिकेत (Aniket Ranjan AIR 48) की UPSC जर्नी को समझते हैं.
Aniket Ranjan AIR 48: कहां के रहने वाले हैं अनिकेत रंजन?
अनिकेत बांका के अमरपुर प्रखंड के एक छोटे से गांव महौता (भीखनपुर पंचायत) के रहने वाले हैं. वे बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार स्टूडेंट रहे हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और शुरुआती पढ़ाई बिहार से पूरी की. उसके बाद अनिकेत दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज से मैथ्स (Mathematics Hons.) में ग्रेजुएशन किया है.
पिछले साल की असफलता को बनाया सीढ़ी
अनिकेत रंजन (Aniket Ranjan AIR 48) की यह उनकी पहली सफलता नहीं है. पिछले साल भी उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी, लेकिन तब उनकी रैंक 857वीं थी. उस रैंक के आधार पर उनका सिलेक्शन कस्टम एंड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में हुआ था. लेकिन अनिकेत का सपना कुछ और बड़ा करने का था, इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और इस बार UPSC 2025 के एग्जाम में टॉप 50 में जगह बना ली.
नौकरी के साथ कैसे की UPSC की तैयारी?
अक्सर लोग कहते हैं कि यूपीएससी की तैयारी के लिए दिन-रात पढ़ाई करनी पड़ती है और इसके साथ नौकरी करना मुमकिन नहीं है. लेकिन अनिकेत ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया. वर्तमान में वह कस्टम एंड इनकम टैक्स विभाग में ऑफिसर के रूप में काम कर रहे हैं. अनिकेत नौकरी करने के साथ-साथ पढ़ाई भी करते थे. ड्यूटी करने के बाद जो भी समय मिलता था, उसे वह पूरी तरह से पढ़ाई में लगा देते थे. उन्होंने टाइम मैनेजमेंट और डिसप्लिन को अपनी सफलता का आधार बनाया.
Aniket Ranjan AIR 48: सेल्फ स्टडी में किया मेन फोकस
अनिकेत रंजन की सफलता के पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत और सही स्ट्रेटेजी है. उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान सेल्फ स्टडी को सबसे ज्यादा महत्व दिया. अनिकेत का मानना है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए धैर्य रखना बहुत जरूरी है. वे नियमित रूप से हर सब्जेक्ट में रिवीजन किए और अपनी कमजोरियों पर काम किया.
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लेखक के बारे में
By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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