नीट पीजी में बड़ा उलटफेर, सभी कैटेगरी की कटऑफ घटाई, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे डॉक्टर

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 21 Jan 2026 1:57 PM

विज्ञापन

NEET PG Zero Percentile: डॉक्टर की प्रतीकात्मक तस्वीर

NEET PG Zero Percentile: नीट पीजी 2025 के लिए परसेंटाइल घटा दिया गया है. इसे लेकर सोशल मीडिया तेज बहस छिड़ गई है. बहस इस बात की है कि क्या ये फैसला सिर्फ कुछ कैटेगरी और संस्थान को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है. साथ ही इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दर्ज की गई है.

विज्ञापन

NEET PG Zero Percentile: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल में बदलाव किया है. राउंड 2 की काउंसलिंग के बाद सभी कैटेगरी के लिए कटऑफ घटाया गया है. इस फैसले को लेकर अब सोशल मीडिया पर मिक्स रिएक्शन मिल रहे हैं. साथ ही इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका (पीटिशन) दर्ज की गई. ये पीटिशन सोशल वर्कर हरिशरण देवगन, न्यूरोसर्जन सौरव कुमार, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉक्टर लक्ष्य मित्तल और वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के मेंबर डॉक्टर आकाश सोनी ने दायर की है.

Lakshya Mittal: लक्ष्य मित्तल ने किया X पर पोस्ट

डॉक्टर लक्ष्य मित्तल लगातार इस मामले के खिलाफ सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेडिकल इंसानी जिंदगी से जुड़ा एक पेशा है. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में कहा कि NBEMS का ये मूव मेडिकल एजुेकशन के स्टैंटर्ड को कमजोर कर रहा है. इससे प्राइवेट कॉलेज को फायदा पहुंचाने वाला फैसला बताया.

NBEMS ने सभी कैटेगरी के लिए घटाया कटऑफ

नीट पीजी राउंड 2 काउंसलिंग के बाद भी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 18,000 से ज्यादा PG सीटें खाली रह गई थीं. इस वजह से NBEMS ने सभी कैटेगरी के लिए कटऑफ घटाया है.

EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटाकर 7 कर दिया गया. जनरल, PwBD के लिए 45 की जगह केवल 5 परसेंटाइल रखा गया है. SC, ST और OBC के लिए जीरो क्वालिफाइंग परसेंटाइल किया गया है.

नीट पीजी विवाद
नीट पीजी मामले पर X यूजर्स की फीडबैक

NEET PG जीरो पर्सेंटाइल से क्या-क्या खतरा?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे को लेकर जो आम सवाल उठाए हैं, वो प्वॉइंट्स में है-

  • क्वालिटी पर असर- बेहद कम स्कोर पर एडमिशन से मेडिकल एजुकेशन और पेशे की क्वालिटी पर असर होगा.
  • पेशेंट सेफ्टी पर खतरा- जीरो पर्सेंटाइल से सीधे कमजोर स्टूडेंट्स को एंट्री मिल रही है. यही स्टूडेंट्स आगे चलकर डॉक्टर बनेंगे और पेशेंट का इलाज करेंगे. यह उन पेशेंट के जान के साथ खिलवाड़ होगा.
  • मेरिट – मेहनती और हाई-स्कोरिंग कैंडिडेट्स के साथ अन्याय की भावना बढ़ेगी.
  • सिस्टम पर भरोसा टूटेगा – एग्जाम और सिलेक्शन प्रोसेस से स्टूडेंट्स का भरोसा टूट जाएगा.

NEET PG Seats: कितनी है नीट पीजी की सीट?

भारत में हर साल करीब 2.4 लाख स्टूडेंट्स नीट पीजी परीक्षा देते हैं. इनमें से करीब 1 लाख स्टूडेंट्स पास होते हैं. फिलहाल देश में लगभग 80,000 नीट पीजी सीट्स हैं. समय-समय पर सीट में बदलाव होता रहता है. साल 2021 से 2025 सीटों की संख्या बढ़ाई गई है.

यह भी पढ़ें- BTech इंजीनियर का UPSC में हैट्रिक, अभिषेक IPS के बाद AIR 14 लाकर बने IAS

विज्ञापन
Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola