NEET PG 2025 Cut Off: अगर आप नीट पीजी के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपके लिए काम की खबर है. देशभर में बड़ी संख्या में मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट की सीटें खाली रह जाती हैं, जिसे देखते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल में बदलाव किया है. खबरों में है कि अब कटऑफ घटाया गया है. NBEMS की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया, जब राउंड 2 काउंसलिंग पूरी हो गई है और उसके बाद भी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की 18,000 से ज्यादा PG सीटें खाली रह गई थीं.
NBEMS का एक ही उद्देश्य, सीटें खाली न रह जाएं
NBEMS के इस संशोधन का उद्देश्य है कि उपलब्ध सीटों पर बेहतर कैंडिडेट्स चुनकर आएं ताकि देश में प्रशिक्षित मेडिकल स्पेशलिस्ट्स की संख्या बढ़ाई जा सके. बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने से स्वास्थ्य सेवाओं में ढीलापन आता है और साथ ही यह शैक्षणिक संसाधनों की बर्बादी भी है.
NEET PG Cut off Revised For All Category: सभी कैटेगरी के लिए कितना घटाया गया कट ऑफ
संशोधित मानदंडों के अनुसार अब जनरल और EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटाकर 7 परसेंटाइल कर दिया गया है. वहीं जनरल PwBD कैटेगरी के उम्मीदवारों को अब 45 की जगह केवल 5 परसेंटाइल हासिल करना होगा. इसके अलावा SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 40 से घटाकर शून्य (0) परसेंटाइल कर दिया गया है.
नीट पीजी परीक्षा से मिलता है पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज में एडमिशन
NEET-PG परीक्षा MBBS डिग्री और इंटर्नशिप पूरी कर चुके डॉक्टरों के लिए होती है और इसका उद्देश्य पारदर्शी व मेरिट आधारित तरीके से PG सीटों का आवंटन करना है. पहले तय किए गए परसेंटाइल के कारण योग्य उम्मीदवारों का दायरा सीमित हो गया था, जबकि सीटें उपलब्ध थीं.
NEET PG 2025 Cut Off: यहां देखें मुख्य बातें
- एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित रहेगी.
- सभी सीटों का आवंटन केवल काउंसलिंग से ही होगा.
- किसी भी तरह का डायरेक्ट या विवेकाधीन (डिस्क्रेशनरी) एडमिशन नहीं होगा.
- इंटर-से मेरिट और उम्मीदवार की पसंद के आधार पर ही सीट अलॉट होगी.
- अकैडमिक स्टैंडर्ड में कोई ढील नहीं दी गई है, केवल योग्य MBBS डॉक्टरों के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है.
- पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखी जाएगी.
कट ऑफ घटाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी
इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 12 जनवरी 2026 को ऑफिशियल रूप से कट-ऑफ घटाने की मांग की थी. इसके बाद 13 जनवरी 2026 को NBEMS ने यह निर्णय जारी किया. IMA ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार जताया है.
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