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Success Story: मां के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला, UPSC में गढ़ी कामयाबी की मिसाल

Updated at : 30 Aug 2025 10:36 AM (IST)
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Success Story IAS Ankita Choudhary UPSC Rank 14

IAS अंकिता चौधरी

Success Story: हरियाणा की अंकिता चौधरी ने मां को खोने का ग़म सहकर भी हार नहीं मानी. दूसरे प्रयास में UPSC परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल कर IAS बनीं. उनकी संघर्ष, हौसले और दृढ़ संकल्प की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.

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Success Story: कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है जहां दुख इंसान को तोड़कर रख देता है. लेकिन कुछ लोग वही दुख अपनी ताकत बना लेते हैं और सफलता की नई इबारत लिखते हैं. हरियाणा के रोहतक जिले के मेहम की रहने वाली अंकिता चौधरी की कहानी ऐसी ही प्रेरणादायी मिसाल है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने के बाद अंकिता ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. उनका सफर आसान नहीं रहा. साल 2017 उनके जीवन में बड़ा झटका लेकर आया वे परीक्षा में असफल रहीं और उसी साल उन्होंने अपनी मां को खो दिया. यह वह पल था जब हालात ने उनकी हिम्मत को परखने की पूरी कोशिश की.

पिता ने दिया हौसला

इस मुश्किल दौर में उनके पिता ने उनका मनोबल बढ़ाया और हार मानने के बजाय फिर से खड़े होने की प्रेरणा दी. पिता के समर्थन से अंकिता ने खुद को संभाला और दृढ़ संकल्प के साथ दोबारा तैयारी में जुट गईं.

दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता

2018 में जब उन्होंने दूसरी बार यूपीएससी परीक्षा दी, तो परिणाम ने उनके जीवन की तस्वीर बदल दी. अंकिता ने ऑल इंडिया 14वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि अपनी मां की आत्मा को भी सच्ची श्रद्धांजलि दी. उनका ऑप्शनल विषय पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन था. उनकी सफलता ने यह साबित किया कि कठिनाइयां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत से उन्हें पार किया जा सकता है.

आईएएस अधिकारी के रूप में जीवन

आईएएस अधिकारी बनने के बाद अंकिता को उच्च पद, सम्मान और सुविधाएं मिलीं. सरकारी घर, गाड़ी, ड्राइवर और अन्य भत्तों के साथ उन्हें समाज में बदलाव लाने का अवसर भी मिला. आज वे अपने काम और समर्पण से एक आदर्श व्यक्तित्व बन चुकी हैं.

प्रेरणा की कहानी

अंकिता चौधरी सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और अपने अनुभवों से अन्य छात्रों को प्रेरित करती रहती हैं. उनकी यात्रा बताती है कि असफलता कोई अंत नहीं, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने वाली पहली सीढ़ी है. उनका जीवन हर उस छात्र के लिए उम्मीद की किरण है, जो कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहता है.

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Pushpanjali

लेखक के बारे में

By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

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