माता-पिता को खोया, IAS बहन बनी सहारा, UPSC में AIR 38 से चमके दीपांशु

Updated at : 08 Apr 2026 1:37 PM (IST)
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Deepanshu Jindal AIR 38

दीपांशु जिंदल UPSC AIR 38 (Social Media)

Deepanshu Jindal AIR 38: यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता है. पंजाब के रहने वाले दीपांशु जिंदल ने UPSC 2025 में AIR 38 हासिल किया है. उनका यह सफर काफी संघर्ष से बीता है. कम उम्र में ही उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया था.

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Deepanshu Jindal AIR 38: पंजाब के रहने वाले दीपांशु जिंदल ने यूपीएससी 2025 में AIR 38 हासिल किया है. उन्होंने नौकरी के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी की और कई चुनौतियों का सामना करके सफलता हासिल की. हालांकि उनका ये सफर आसान नहीं था. आज उनकी यह सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो UPSC सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं. आइए दीपांशु की जर्नी (Deepanshu Jindal AIR 38) को करीब से जानते हैं. 

Deepanshu Jindal AIR 38: कहां के रहने वाले हैं दीपांशु? 

दीपांशु (Deepanshu Jindal AIR 38) मूल रूप से पंजाब के मोगा शहर के रहने वाले हैं. उनके पिता नेस्ले इंडिया लिमिटेड में काम करते थे. उनकी बहन रितिका जिंदल जो हिमाचल कैडर की IAS ऑफिसर है. दीपांशु हमेशा से पढ़ाई में अच्छे रहे हैं. 2019 में उन्होंने अपने पिता को कैंसर के कारण खो दिया और लगभग दो महीने बाद उनकी माता का भी निधन हो गया. 

कौन से कॉलेज से की थी पढ़ाई? 

दीपांशु ने 12वीं की पढ़ाई मोगा के डीएन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की. उन्होनें 12वीं में कॉमर्स स्ट्रीम को चुना और और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98% मार्क्स प्राप्त किए. इसके बाद वह हायर एजुकेशन के लिए दिल्ली चले गए. वहां उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के फेमस श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से साल 2022 में बीकॉम (ऑनर्स) की डिग्री ली.

UPSC का सफर 

दीपांशु का UPSC सफर इतना आसान नहीं था. उनके पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स परीक्षा में केवल 0.5 मार्क्स से रह गए थे. दूसरे अटेम्प्ट में इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना पाएं. दीपांशु ने अपने असफलताओं से हार नहीं माना और अपने तीसरे प्रयास में UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 38 हासिल किया. 

बहन IAS रितिका जिंदल के साथ दीपांशु

सरकारी नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी

कई बार छात्र एक बार फेल होने के बाद हिम्मत हार जाते हैं, लेकिन दीपांशु ने अपनी तैयारी के साथ-साथ दूसरे एग्जाम्स पर भी फोकस किया. उन्होंने हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) की परीक्षा दी और वहां भी 38वीं रैंक हासिल की. साथ ही उन्होंने EPFO में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर का एग्जाम भी पास किया था. फिलहाल वह यमुनानगर में ऑफिसर के पोस्ट पर काम कर रहे हैं. 

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Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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