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weekly current affairs 2024 : पढ़ें 10 से 16 अक्तूबर का साप्ताहिक करेंट अफेयर्स

Updated at : 18 Oct 2024 2:30 PM (IST)
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Today’s Current Affairs in Hindi

Today’s Current Affairs in Hindi

पढ़ें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी साप्ताहिक करेंट अफेयर्स और परीक्षा की तैयारी को करें मुकम्मल...

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weekly current affairs 2024 : यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी सीजीएल एवं बैंक में नियुक्ति के लिए होनेवाली परीक्षा में करेंट अफेयर्स या जनरल अवेयरनेस सेक्शन बेहद महत्वूपर्ण होता है. जनरल अवेयरनेस सेक्शन की तैयारी करने का सबसे आसान तरीका साप्ताहिक करेंट अफेयर्स का अध्ययन करना है. दैनिक समाचार याद रखने के लिए बहुत अधिक हो सकते हैं, लेकिन आपको समसामयिक मामलों पर साप्ताहिक करेंट अफेयर्स एक प्लेटफॉर्म पर पढ़ने से अधिक लाभ मिल सकता है. 10 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक इस साप्ताहिक करेंट अफेयर्स से आप अपनी परीक्षा की तैयारी को मजबूत कर सकते हैं.

नोबेल विजेताओं को 10 दिसंबर को किया जायेगा सम्मानित

नोबेल पुरस्कार एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है जो छह अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दिया जाता है, उन लोगों को, जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान मानव जाति को सबसे बड़ा लाभ पहुंचाया है. मूल रूप से, यह पुरस्कार भौतिकी, रसायन विज्ञान, शरीर विज्ञान या चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्र में प्रदान किया जाता था. बाद में 1968 में, एक छठा पुरस्कार जोड़ा गया था आर्थिक विज्ञान के क्षेत्र में यह पुरस्कार आधिकारिक तौर पर नोबेल पुरस्कार नहीं है, लेकिन इसे अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिजेस रिक्सबैंक पुरस्कार कहा जाता है. इसकी स्थापना स्वेरिजेस रिक्सबैंक (स्वीडन का केंद्रीय बैंक) द्वारा की गयी थी. स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने 27 नवंबर, 1895 को अपनी अंतिम वसीयत और वसीयतनामा पर हस्ताक्षर किये, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा भौतिकी, रसायन विज्ञान, शरीर विज्ञान या चिकित्सा, साहित्य और शांति के पुरस्कारों के लिए दे दिया. नोबेल पुरस्कार की आर्थिक नींव रखने के लिए उन्होंने अपनी ज्यादातर संपत्ति इस पुरस्कार की स्थापना और नोबेल फ़ाउंडेशन को दी थी. नोबेल पुरस्कार की शुरुआत साल 1901 में हुई थी. अक्तूबर में 7 से 14 तारीख तक घोषित किये जाने वाले इन पुरस्कारों में 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन की राशि दी जायेगी. प्रत्येक नोबेल पुरस्कार अधिकतम तीन व्यक्तियों को दिया जा सकता है, जो पुरस्कार राशि साझा करेंगे. नोबेल पुरस्कार विजेताओं को नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर पर सम्मानित किया जायेगा.

जापान के संगठन निहोन हिंदानक्यो को मिला शांति के लिए नोबेल

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराये गये एटम बम हमले में बचे जापान के लोगों के संगठन निहोन हिंदानक्यो को साल 2024 के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार दिया जायेगा. निहोन हिंदानक्यो को ये नोबेल पुस्कार परमाणु हथियारों के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए दिया गया है. संगठन का मानना है कि दुनिया में परमाणु हथियारों का फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. जापान का ये संगठन इस बात का भी ध्यान रखते हुए काम कर रहा है कि दोबारा फिर कभी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल न हो. निहोन हिंदानक्यो का गठन 1956 में हुआ था और इसका मकसद था परमाणु हथियारों से मानव जाति को होने वाले नुकसान की आंखों देखी सुनाकर दुनिया को खतरे से आगाह करना. इस संगठन की शुरुआत बम गिराए जाने की घटना के लगभग एक दशक बाद हुई थी. 6 अगस्त 1945 को अमेरिकी लड़ाकू विमान ने हिरोशिमा शहर के ऊपर यूरेनियम बम गिराया था. इसमें एक लाख 40 हजार से अधिक लोग मारे गये थे. तीन दिन बाद अमेरिका ने दूसरे शहर नागासाकी को निशाना बनाया और यहां एटम बम गिराया. इसके दो हफ्ते बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया और इस तरह दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुआ.

तीन अर्थशास्त्रियों को दिया जायेगा अर्थशास्त्र का नोबेल

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने वर्ष 2024 के लिए अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान कर दिया है. डारोन एसेमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए रॉबिन्सन को साल 2024 के लिए अर्थशास्त्र क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इन तीनों अर्थशास्त्रियों ने इस बात पर शोध किया कि वैश्विक असमानता क्यों बनी हुई है, खासकर उन देशों में जो चार और तानाशाही से ग्रस्त हैं. ब्रिटिश-अमेरिकी साइमन जॉनसन और जेम्स रॉबिन्सन तथा तुर्की-अमेरिकी डेरॉन ऐसमोग्लू को ‘संस्थाएं कैसे बनती हैं और समृद्धि को कैसे प्रभावित करती हैं’ पर उनके काम के लिए सम्मानित किया गया है. डेरॉन ऐसमोग्लू और साइमन जॉनसन मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में काम करते हैं, जबकि जेम्स ए. रॉबिन्सन शिकागो विश्वविद्यालय में शोध करते हैं. पिछले साल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर क्लाउडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र में 2023 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग को मिला साहित्य का नोबेल

साहित्य के क्षेत्र में 2024 का नोबेल पुरस्कार दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग को को दिया गया. उन्हें उनके गहन काव्यात्मक गद्य के लिए इस सम्मान से नवाजा गया. उनका गद्य मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करता है. उनके किताबों में द वेजिटेरियन, द व्हाइट बुक, ह्यूमन एक्ट्स और ग्रीक लेसन्स शामिल हैं. इस वर्ष के साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग ने 1993 में कोरियन पत्रिका साहित्य और समाज में कई कविताओं के प्रकाशन के साथ अपना करियर शुरू किया था. उनकी गद्य की शुरुआत 1995 में लघु कहानी संग्रह लव ऑफ येओसु (कोरियन भाषा) के साथ हुई. साहित्य के क्षेत्र में अभी तक 121 लोगों को नोबेल पुरस्कार मिल चुका है, जिसमें से 18 महिलाएं हैं. रवींद्रनाथ टैगोर एकमात्र भारतीय हैं, जो साहित्य के नोबेल से सम्मानित हुए हैं. उन्हें यह पुरस्कार 1913 में मिला था.

अमेरिकी साइंटिस्ट विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को मेडिसन में मिला नोबेल

विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को संयुक्त रूप से 2024 के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा. कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में नोबेल अकादमी ने 7 अक्टूबर, 2024 को इसकी घोषणा की. इस साल का अवॉर्ड 1901 के बाद से फिजियोलॉजी या चिकित्सा में दिया जाने वाला 115वां नोबेल पुरस्कार है. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, जीन गतिविधि को विनियमित करने वाले एक मौलिक सिद्धांत की खोज के लिए वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार दिया गया.

हॉपफील्ड और हिंटन ने जीता भौतिकी में 2024 का नोबेल

अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन हॉपफील्ड और ब्रिटिश-कनाडाई सहयोगी जेफ्री हिंटन ने मशीन लर्निंग की नींव रखने वाली खोजों और आविष्कारों के लिए भौतिकी में 2024 का नोबेल पुरस्कार जीता है, पुरस्कार देने वाली संस्था ने 8 अक्तूबर को इसके बारे में जानकारी दी. भौतिकी पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा प्रदान किया जाता है.

डेविड बेकर, डेमिस हसाबिस और जॉन जम्पर को केमिस्ट्री में नोबेल

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 9 अक्तूबर को घोषणा की कि वर्ष 2024 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार डेविड बेकर, डेमिस हसाबिस और जॉन एम जम्पर को दिया जायेगा. अमेरिका के सिएटल स्थित वाशिंगटन विश्वविद्यालय के डेविड बेकर को कम्प्यूटेशनल प्रोटीन डिजाइन के लिए रसायन विज्ञान में प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार दिया गया, जबकि लंदन, यूके स्थित गूगल डीपमाइंड के डेमिस हसाबिस और जॉन एम जम्पर को प्रोटीन संरचना भविष्यवाणी के लिए यह पुरस्कार दिया गया है.

परमेश शिवमणि बने भारतीय तटरक्षक बल के 26वें महानिदेशक

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के 26वें महानिदेशक के रूप में परमेश शिवमणि ने कार्यभार संभाल लिया है. उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए 2014 में तटरक्षक पदक और 2019 में राष्ट्रपति तटरक्षक पदक से सम्मानित किया गया था. वे 2012 में डीजी कोस्ट गार्ड प्रशस्ति और 2009 में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (पूर्व) प्रशस्ति से भी सम्मानित किये जा चुके हैं.

महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि झारखंड की 81 सीटों के लिए दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर होगी. इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की 47 विधानसभा सीटों और केरल में वायनाड लोकसभा सीट के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होंगे, वहीं उत्तराखंड की एक विधानसभा सीट और महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव 20 नवंबर को होगा.

भारत ने अमेरिका के साथ 31 एमक्‍यू-9बी प्री-डेटर ड्रोन खरीदने के समझौते पर किये हस्‍ताक्षर

भारत ने रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देते हुए अमेरिका के साथ 31 एमक्‍यू-9बी प्री–डेटर ड्रोन खरीदने के एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किये हैं. इस समझौते का उद्देश्‍य भारत की अभियान तैयारियों और सैन्‍य क्षमता को बढ़ाना है. इनमें तीनों सेनाओं के लिए एमक्‍यू-9बी स्‍काई गार्डियन और सी-गार्डियन ड्रोन भी शामिल हैं.

नायब सिंह सैनी दूसरी बार बने हरियाणा के मुख्यमंत्री

नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. नायब सिंह सैनी ने लगातार दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. सीएम सहित कुल 14 मंत्रियों ने भी शपथ ली है. अनिल विज ने सबसे पहली शपथ ली.

उमर अब्‍दुल्‍ला बने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्‍मीर के पहले सीएम

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने 16 अक्तूबर को जम्मू-कश्‍मीर के सीएम पद की शपथ ली. इसी के साथ वह केंद्र शासित राज्य जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री बन गये. जम्मू-कश्‍मीर में धारा 370 हटने के बाद पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में आईएनडीआईए को बहुमत मिला. इसमें नेशनल कॉन्‍फ्रेंस को सबसे ज्यादा 42, कांग्रेस को 6 और सीपीआई (एम) को एक सीट मिली. सरकार बनाने के लिए 48 सीटों (पांच नॉमिनेट विधायक समेत) की जरूरत होती है.

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Preeti Singh Parihar

लेखक के बारे में

By Preeti Singh Parihar

Senior Copywriter, 15 years experience in journalism. Have a good experience in Hindi Literature, Education, Travel & Lifestyle...

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