फेल होने पर घबराएं नहीं, तीन बार दे सकते हैं CBSE सप्लीमेंट्री परीक्षा

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 06 Apr 2026 12:51 PM

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सीबीएसई बोर्ड स्टूडेंट्स सांकेतिक तस्वीर

CBSE Supplementary Exam Rules: सप्लीमेंट्री परीक्षा उन छात्रों के लिए एक दूसरा मौका है, जो किसी कारणवश मेन परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं. आइए, जानते हैं कि CBSE के नियमों के तहत एक स्टूडेंट को कितनी बार सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का मौका मिलता है.

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CBSE Supplementary Exam Rules: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 10वीं-12वीं की परीक्षाएं हो चुकी हैं. अब स्टूडेंट्स को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. ऐसे में कई स्टूडेंट्स के मन में सवाल रहता है कि अगर रिजल्ट अच्छा नहीं आए तो आगे क्या होगा. हालांकि, डरने की जरूरत नहीं है, CBSE बोर्ड सप्लीमेंट्री परीक्षा का ऑप्शन देता है. अब ऐसे में मन में ये सवाल आता है कि एक स्टूडेंट कितनी बार सप्लीमेंट्री परीक्षा दे सकता है. आइए, जानते हैं इस सवाल का जवाब.

क्या है CBSE की सप्लीमेंट्री परीक्षा?

बोर्ड परीक्षाओं में असफल होने वाले छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा एक बड़ा अवसर होती है. कक्षा 10वीं और 12वीं के ऐसे छात्र, जो एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाते, उन्हें साल बर्बाद किए बिना अपनी गलती सुधारने का मौका दिया जाता है.

कितनी बार दे सकते हैं CBSE में सप्लीमेंट्री परीक्षा?

सप्लीमेंट्री परीक्षा को लेकर स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि इसे कितनी बार दिया जा सकता है. नियमों के अनुसार, छात्रों को पास होने के लिए कुल तीन मौके मिलते हैं.

पहला मौका उसी साल

बोर्ड परीक्षा के बाद उसी साल जुलाई या अगस्त में एक सप्लीमेंट्री परीक्षा होती है. स्टूडेंट्स के लिए यह सबसे अच्छा मौका होता है. आपने जितनी भी पढ़ाई की होती है, वो सब ताजा होता है. ऐसे में बहुत चांस होता है कि स्टूडेंट्स अच्छे नंबरों से पास हो जाए.

दूसरा मौका अगले साल मिलता है

अगर छात्र पहले अटेंप्ट में सफल नहीं हो पाता, तो उसे दूसरा मौका मिलता है. दूसरा मौका अगले साल फरवरी, मार्च या अप्रैल में होने वाली परीक्षा में मिलता है. यह अवसर नियमित बोर्ड परीक्षाओं के साथ आयोजित किया जाता है.

तीसरा और अंतिम मौका

इसके बाद भी यदि छात्र पास नहीं हो पाता, तो उसे तीसरा और अंतिम मौका उसी साल जुलाई या अगस्त में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में दिया जाता है.

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लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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