ePaper

Young Judge Success Story: IPS पति संग रहने की जिद, सीखी नई भाषा और निकिता बन गईं जज

Updated at : 11 Aug 2025 6:27 PM (IST)
विज्ञापन
Young Judge Success Story of Nikita Sengar

Young Judge Success Story of Nikita Sengar

Young Judge Success Story: प्यार में इतनी ताकत होती है कि वो करियर की राह भी बदल दे. यूपी की जज निकिता सेंगर ने साबित कर दिया कि दूरी चाहे हजारों किलोमीटर की हो, अगर इरादा पक्का हो तो भाषा, सिलेबस और जगह सब बदल सकते हैं. अपने आईपीएस पति के साथ रहने की जिद ने निकिता को जज बना दिया.

विज्ञापन

Young Judge Success Story: उत्तर प्रदेश की सिविल जज निकिता सेंगर की कहानी काफी दिलचस्प है. निकिता के पति तुहिन सिन्हा आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) हैं और इस समय आंध्र प्रदेश में तैनात हैं. 2021 में शादी के बाद से ही दोनों ड्यूटी की वजह से अलग-अलग रह रहे थे. दूरी कम करने के लिए निकिता ने ऐसा कदम उठाया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी.

Young Judge Success Story: कौन हैं निकिता सेंगर?

निकिता और तुहिन दोनों लखनऊ के रहने वाले हैं. दोनों ने पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज से पढ़ाई की. पढ़ाई खत्म होने के बाद दोनों ने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की. निकिता ने 2018 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा पास की और हरदोई में सिविल जज बन गईं. वहीं तुहिन आंध्र प्रदेश कैडर में आईपीएस अधिकारी बने. शादी के बाद दोनों ने सोचा था कि तुहिन का कैडर यूपी में बदल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.

पति के साथ रहने का फैसला

पति का कैडर न बदलने पर निकिता ने खुद आंध्र प्रदेश जाकर उनके साथ रहने का फैसला लिया. इसके लिए उन्हें वहां की ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा पास करनी थी. सबसे बड़ी चुनौती थी तेलुगू भाषा सीखना और नए सिलेबस को समझना. निकिता ने मेहनत शुरू की, भाषा सीखी और पढ़ाई में पूरी ताकत लगा दी.

Rank 4 लाकर बनीं जज

लंबी तैयारी और मेहनत के बाद निकिता ने आंध्र प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा पास की और चौथा स्थान हासिल किया. इस सफलता से उन्हें न सिर्फ करियर में नई ऊंचाई मिली, बल्कि पति के साथ रहने का सपना भी पूरा हुआ. निकिता की कहानी बताती है कि अगर हिम्मत और लगन हो, तो कोई भी मुश्किल आसान हो सकती है.

निकिता सेंगर की यह कहानी (Success Story) न केवल प्रेम और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि यह भी सिखाती है कि करियर और रिश्तों के बीच संतुलन बनाने के लिए साहसिक फैसले लेना जरूरी होता है.

यह भी पढ़ें: बीएचयू दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट लिस्ट यहां करें चेक, डाउन जाएगा Cut Off

विज्ञापन
Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola