ePaper

वर्दी का रौब नहीं, भक्तों की थकान उतारने लगीं मैडम, कौन हैं कांवड़ियों के पैर दबाने वाली DSP ऋषिका सिंह

Updated at : 19 Jul 2025 9:43 AM (IST)
विज्ञापन
Who is DSP Rishika Singh Success Story

Who is DSP Rishika Singh Success Story

Who is DSP Rishika Singh: सावन का महीना चल रहा है और कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है. कांवड़ यात्रा के बीच DSP ऋषिका सिंह की चर्चा हर तरफ हो रही है. कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल शिव मंदिरों में अभिषेक के लिए जा रहे हैं. मुजफ्फरनगर में DSP ऋषिका सिंह ने कांवड़ियों के पैर दबाए, उनकी मरहम-पट्टी की और उन्हें पानी पिलाते नजर आईं. आइए डीएसपी ऋषिका के करियर को करीब से जानते हैं.

विज्ञापन

Who is DSP Rishika Singh: कांवड़ यात्रा के बीच एक महिला पुलिस अफसर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. ये कोई और नहीं बल्कि मुजफ्फरनगर की DSP ऋषिका सिंह हैं. वर्दी में दिखने वाली ये अफसर न सिर्फ कांवड़ियों की सुरक्षा संभाल रही हैं, बल्कि उनके पैर दबाते, मरहम पट्टी करते और पानी पिलाते हुए भी नजर आईं. इस सेवा भाव ने सबका दिल जीत लिया है. सोशल मीडिया पर उनके इस काम की काफी सराहना हो रही है.

Who is DSP Rishika Singh: कौन हैं DSP ऋषिका सिंह?

ऋषिका सिंह उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं और हाल ही में उन्होंने DSP के पद पर जॉइन किया है. उन्होंने 2022 की यूपी पीसीएस परीक्षा में 80वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई. उनकी यह सफलता किसी आसान रास्ते से नहीं आई. ऋषिका ने इस परीक्षा को पास करने के लिए चार बार प्रयास किया. इससे पहले तीन बार वह असफल रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उनके जज्बे और मेहनत की मिसाल आज हर कोई दे रहा है.

कई बार मिली असफलता

ऋषिका ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम ऑनर्स किया है. पढ़ाई के बाद उन्होंने UPSC और UPPCS दोनों की तैयारी शुरू की. 2019, 2020 और 2021 में उन्होंने ये परीक्षाएं दीं लेकिन सफल नहीं हो सकीं. 2021 में वह वापस लखनऊ आ गईं. तब रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों ने माता-पिता से कहा कि “लड़की है, इसकी शादी करा दो. इतना पैसा पढ़ाई में क्यों बर्बाद कर रहे हो”. लेकिन ऋषिका डटी रहीं. उन्होंने तानों की परवाह किए बिना मेहनत जारी रखी.

14 घंटे की पढ़ाई से बदली किस्मत

एक इंटरव्यू में ऋषिका ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दिनों में वह रोजाना 14 घंटे पढ़ाई करती थीं. उन्होंने कहा कि सफर मुश्किल था, लेकिन इरादे मजबूत थे. उन्होंने कभी नकारात्मक बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. चौथे प्रयास में उन्होंने UPPCS 2022 में सफलता पाई और DSP पद पर चयनित हुईं. आज वह अपने कर्तव्य के साथ सेवा भावना से भी लोगों का दिल जीत रही हैं.

ये भी पढ़ें: ‘सूरज’ को चमकना ही था…हादसे ने दी Wheelchair पर 3 उंगलियों से बनें UPSC Topper, झकझोर देगी सफलता की ये कहानी

विज्ञापन
Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola