जर्नलिज्म की पढ़ाई में अब थ्योरी नहीं, डेटा पर होगा जोर, जानें क्या है नया नियम

स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (Freepik)
UGC Journalism Syllabus Change 2026: अब जर्नलिज्म के स्टूडेंट भी पढ़ेंगे सरकारी डेटा और स्टेटिस्टिक्स. यह बदलाव जर्नलिज्म की पढ़ाई को मॉडर्न और प्रैक्टिकल बनाने के लिए किया जा रहा है. जानें यूजीसी ने सिलेबस में किया बड़ा बदलाव किए हैं.
UGC Journalism Syllabus Change 2026: आज के दौर में पत्रकारिता (Journalism) सिर्फ खबरें लिखने तक सीमित नहीं रह गई है. इसे और भी सटीक और भरोसेमंद बनाने के लिए यूजीसी (UGC) ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब देशभर के यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्म की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को सरकारी सर्वे और डेटा का एनालिसिस करना सिखाया जाएगा. यह बदलाव जर्नलिज्म की पढ़ाई को मॉडर्न और प्रैक्टिकल बनाने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम है. अब जर्नलिस्ट अपनी रिपोर्टिंग को केवल बातों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उसे डेटा के साथ पेश करेंगे.
थ्योरी नहीं, अब प्रैक्टिकल नॉलेज पर है जोर
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि सिलेबस को केवल किताबों और थ्योरी तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. अक्सर देखा जाता है कि छात्र थ्योरी तो पढ़ लेते हैं, लेकिन जब उन्हें किसी सरकारी रिपोर्ट या सर्वे पर खबर लिखनी होती है, तो वे उलझ जाते हैं. नए सिलेबस का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जमीनी हकीकत से रूबरू कराना है. अब क्लास में ही उन्हें सिखाया जाएगा कि सरकारी सर्वे का विश्लेषण कैसे किया जाता है और उन आंकड़ों से एक सटीक खबर कैसे तैयार की जाती है.
UGC Journalism Syllabus Change 2026: रिपोर्टिंग बनेगी और भी फेक्चुअल
इस पहल (UGC Journalism Syllabus Change 2026) का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रिपोर्टिंग ज्यादा फैक्ट्स पर बेस्ड होगी. स्टेटिस्टिक्स डेटा के शामिल होने से स्टूडेंट यह समझ पाएंगे कि किसी योजना का जमीन पर क्या असर हो रहा है.

डेटा जर्नलिज्म को मिलेगा बढ़ावा
आजकल की दुनिया में डेटा जर्नलिज्म का काफी इम्पॉर्टेंस बढ़ गया है. बड़ी-बड़ी मीडिया कंपनियां ऐसे जर्नलिस्ट को पसंद करती हैं, जो डेटा के जाल को सुलझा सकें. यूजीसी के इस कदम से इंडियन जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स को ग्लोबल लेवल पर भी फायदा मिलेगा. वे अब बजट, हेल्थ सर्वे, जनगणना और अन्य सरकारी डेटा को बेहतर तरीके से डिकोड कर पाएंगे. इससे उनकी प्रोफेशनल स्किल में भी अच्छी होगी.
स्टूडेंट्स के लिए करियर के नए ऑप्शन
सिलेबस में स्टेटिस्टिक्स (UGC Journalism Syllabus Change 2026) शामिल होने से छात्रों के लिए करियर की नए रास्ते खुलेंगे. वे न केवल अच्छे रिपोर्टर बन पाएंगे, बल्कि डेटा एनालिस्ट और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट के रूप में भी अपनी पहचान बना सकेंगे. गवर्नमेंट डिपार्ट्मेंट के साथ काम करने या बड़े इंस्टीट्यूट के लिए सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में भी उन्हें मदद मिलेगी.
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लेखक के बारे में
By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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