सिर्फ 5 दिनों में बनें ड्रोन एक्सपर्ट, सरकारी इंस्टीट्यूट से करें ये कोर्स
Published by : Ravi Mallick Updated At : 12 Sep 2025 11:46 AM
Drone Training Course (सांकेतिक तस्वीर)
Drone Training Course: ड्रोन टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ ड्रोन पायलट और ऑपरेटर की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है. ऐसे में अगर आप भी ड्रोन ट्रेनिंग कोर्स करना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके काम की है. केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त सरकारी इस्टीट्यूट से ड़्रोन ट्रेनिंग कोर्स कर सकते हैं. खास बात ये है कि ये कोर्स सिर्फ 5 दिनों की है.
Drone Training Course: आज के समय में तकनीक ने हर क्षेत्र में क्रांति ला दी है. खासकर ड्रोन टेक्नोलॉजी ने अलग ही पहचान बनाई है. ड्रोन का उपयोग सुरक्षा निगरानी से लेकर फिल्म निर्माण और कृषि तक में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. इस तकनीक के बढ़ते महत्व को देखते हुए ड्रोन पायलट बनने की मांग तेजी से बढ़ रही है. यदि आप भी ड्रोन उड़ाना सीखना चाहते हैं तो सरकारी ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर से बेहद कम खर्च में प्रशिक्षित हो सकते हैं.
Drone Training Course: ड्रोन ट्रेनिंग कोर्स
ड्रोन उड़ाने के लिए सिर्फ शौक से काम नहीं चलेगा. भारत सरकार की तरफ से Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने ड्रोन संचालन के लिए कई सख्त नियम बनाए हैं. इन नियमों के तहत मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से ही ट्रेनिंग जरूरी है ताकि भविष्य में लाइसेंस प्राप्त कर पाएं. इससे न केवल सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होता है बल्कि ड्रोन से जुड़े कई करियर विकल्प भी खुलते हैं. ड्रोन पायलट बनने के लिए औपचारिक ट्रेनिंग अनिवार्य मानी जाती है.
| दिन | कवर किए गए विषय |
|---|---|
| दिन 1 | UAS नियम और विनियम उड़ान के मूल सिद्धांत एटीसी प्रक्रियाएँ और रेडियो टेलीफोनी फिक्स्ड विंग ऑपरेशंस और एरोडायनामिक्स मल्टी-रोटर ऑपरेशंस और एरोडायनामिक्स |
| दिन 2 | मौसम और मौसम विज्ञान ड्रोन उपकरण और रखरखाव आपातकालीन हैंडलिंग पेलोड, इंस्टॉलेशन और उपयोग छवि और वीडियो व्याख्या |
| दिन 3 | थ्योरी टेस्ट बेसिक फ्लाइट सिम्युलेटर सेशन एडवांस फ्लाइट सिम्युलेटर सेशन और सिम चेक अपना खुद का ड्रोन असेंबल करना अपना असेंबल किया हुआ ड्रोन प्रैक्टिकल उड़ाना |
| दिन 4 और 5 | NPNT और डिजिटल स्काई फ़ैम का परिचय RPAS से परिचित होना इंस्ट्रक्टर के साथ डुअल फ्लाइंग सोलो फ्लाइंग फ्लाइट लॉगिंग फाइनल स्किल टेस्ट |
सरकारी ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर
उत्तर प्रदेश में इकलौता सरकारी ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड्डयन अकादमी (IGRUA) है. यह अकादमी अमेठी जिले के फुरसतगंज में स्थित है. IGRUA ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ फ्लाइंग ट्रेनिंग और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग में भी कोर्स प्रदान करती है. यदि आप ड्रोन पायलट बनना चाहते हैं तो IGRUA से ट्रेनिंग लेना सबसे अच्छा विकल्प रहेगा. यह अकादमी देशभर में अपने उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिए जानी जाती है.
कैसे करें आवेदन
- सबसे पहले IGRUA की आधिकारिक वेबसाइट igrua.gov.in पर जाएं.
- वेबसाइट पर उपलब्ध Drone Training सेक्शन में क्लिक करें.
- आवेदन फॉर्म को ध्यान से भरें.
- आवश्यक दस्तावेज (जैसे 10वीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र आदि) को स्कैन करके अपलोड करें.
- निर्धारित ट्रेनिंग शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें.
- फॉर्म सबमिट करने के बाद उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट जारी की जाती है.
- यदि आपका नाम मेरिट लिस्ट में होता है, तो आपको ट्रेनिंग सेंटर पर बुलाया जाएगा.
- ट्रेनिंग सेंटर पर पहुंचकर प्रैक्टिकल और थ्योरी ट्रेनिंग दी जाएगी.
Drone Training Course in IGRUA Direct Link: Check Here
ड्रोन ट्रेनिंग कोर्स डिटेल्स
IGRUA में दो प्रकार के ड्रोन ट्रेनिंग कोर्स उपलब्ध हैं. एक है स्मॉल कोर्स जिसकी फीस 55,000 रुपये + GST निर्धारित है और दूसरा है मीडियम कोर्स जिसकी फीस 65,000 रुपये + GST है. इसके अलावा ड्रोन लाइसेंस की फीस मात्र 100 रुपये है. यह फीस सामान्य प्रशिक्षण संस्थानों की तुलना में बहुत कम है. सरकारी अकादमी से मिलने वाली ट्रेनिंग के बाद उम्मीदवार आसानी से DGCA से मान्यता प्राप्त लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं. इससे उनके करियर में मदद मिलती है.
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By Ravi Mallick
रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.
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