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हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए चाकुलिया में लांच होगा अबुआ हाथी ऐप

26 Aug, 2025 4:12 pm
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Abua Hathi App Launching News

क्विक रिस्पांस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते वन अधिकारी. फोटो : प्रभात खबर

Abua Hathi App: इंसानों के साथ हाथी के संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने चाकुलिया में एक नयी पहल की है. इसके लिए अगले सप्ताह एक ऐप लांच किया जायेगा. वन विभाग का कहना है कि ‘अबुआ हाथी ऐप’ 8-10 किलोमीटर दूर से ही हाथी के आने की सूचना दे देगा. लोग सतर्क हो पायेंगे. क्विक रिस्पांस टीम के पास एक अतिरिक्त गाड़ी आ गयी है, उसे घटनास्थल पर पहुंचने में आसानी होगी.

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Abua Hathi App| चाकुलिया, राकेश कुमार सिन्हा : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित चाकुलिया की पहचान अब जंगली हाथियों से होती है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा से सटा चाकुलिया जंगली हाथियों का बसेरा बन चुका है. इससे किसानों, व्यवसायियों के साथ-साथ आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. वन विभाग का मानना है कि हाथियों को खदेड़कर निर्जन स्थान तक सीमित रखना, अब संभव नहीं है. फिर भी हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग लगातार प्रयासरत है.

अगले सप्ताह चाकुलिया में लांच होगा ऐप

इस क्रम में अब चाकुलिया वन क्षेत्र जंगली हाथियों पर नजर रखने के लिए ‘अबुआ हाथी ऐप लांच’ करने जा रही है. इसकी शुरुआत अगले हफ्ते चाकुलिया में होगी. इसकी जानकारी डीएफओ सबा आलम अंसारी ने दी. उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से जंगली हाथियों पर नजर रखी जायेगी. जिस स्थान पर जंगली हाथी मौजूद रहेंगे, वहां से 8-10 किलोमीटर के रेडियस में रहने वाले लोगों के मोबाइल पर मैसेज मिलना शुरू हो जायेगा.

लोग होंगे सतर्क और नहीं होगा उनका हाथियों से सामना

ऐसा होने पर लोग सतर्क रहेंगे और हाथियों से मुठभेड़ नहीं होगी. हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाये जाने पर मुआवजा के लिए आवेदन भी अब इस ऐप के माध्यम से ही प्रभावित लोग कर सकेंगे. इसमें समय-समय पर आवेदन का स्टेटस भी पता चल सकेगा. इस ऐप से अंचल अधिकारी को भी जोड़ दिया जायेगा. इससे आवेदन की प्रक्रिया सरल होगी और मुआवजा मिलने में देर नहीं लगेगी.

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टाटा मोटर्स एवं आरण्यक संस्था के साथ मिलकर वन विभाग करेगा काम

डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि टाटा मोटर्स एवं आरण्यक के साथ मिलकर वन विभाग हाथियों के लिए काम करना शुरू करेगी. अबुआ हाथी ऐप की शुरुआत के साथ-साथ सितंबर महीने में कई अन्य योजनाएं भी धरातल पर लायी जायेंगी. इनमें प्रबाकसम, सोलर हैंगिंग फेंस एवं एआई कैमरा लगाने की योजना है. आरण्यक संस्था ग्रामीणों को भी प्रशिक्षित करेगी.

टाटा मोटर्स ने दिया क्विक रिस्पांस वाहन एवं टॉर्च

टाटा मोटर्स ने चाकुलिया वन विभाग को एक क्विक रिस्पांस वाहन उपलब्ध करवाया. इसकी लागत लगभग 12 लाख रुपए बतायी जा रही है. क्विक रिस्पांस वाहन के साथ हाथी प्रभावित क्षेत्र में वितरण के लिए 50 टॉर्च भी टाटा मोटर्स ने दिये हैं. डीएफओ सबा आलम अंसारी एवं रेंजर दिग्विजय सिंह ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया. पदाधिकारियों ने कहा कि अब हाथियों के गांव में घुसने पर क्विक रिस्पांस टीम के पहुंचने में देर नहीं होगी. पहले विभाग के पास 2 वाहन थे, अब एक नया वाहन आ जाने से टीम को काम करने में आसानी होगी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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