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दुमका हत्याकांड : अब नहीं कर सकेंगे पीड़िता का नाम उजागर, CWC दुमका ने जारी की Advisory

Updated at : 01 Sep 2022 4:53 PM (IST)
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दुमका हत्याकांड : अब नहीं कर सकेंगे पीड़िता का नाम उजागर, CWC दुमका ने जारी की Advisory

पेट्रोल छिड़क कर हत्या करने के मामले में दुमका की पीड़िता का अब नाम उजागर नहीं करना होगा. CWC, दुमका ने इसको लेकर एडवाजरी जारी की है. CWC ने सभी से पीड़िता शब्द का इस्तेमाल करने और किसी भी रूप में उसके पहचान को उजागर नहीं करने की अपील की है.

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Dumka Murder Case: दुमका की एक बेटी की पेट्रोल छिड़क कर हत्या करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट लगाया गया है. मृतक नाबालिग होने के कारण बाल कल्याण समिति, दुमका के चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार ने एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत मृतक का फोटो, नाम, पिता का नाम या किसी भी तरह से पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध माना गया है. CWC ने सभी से पीड़िता शब्द का इस्तेमाल करने और किसी भी रूप में उसके पहचान को उजागर नहीं करने की अपील की है.

क्या है मामला

गत 23 अगस्त, 2022 को दुमका नगर थाना क्षेत्र में एक बालिका पर सोये अवस्था में आरोपियों ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गई थी. इलाज के दौरान रांची के रिम्स में गत 27 अगस्त, 2022 को उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपी शाहरुख और नईम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वहीं, सीएम हेमंत सोरेन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट टैक कोर्ट से सुनवाई करने और पीड़िता के परिजनों को 10 लाख रुपये सहायता राशि उपलब्ध करायी थी.

पीड़िता के नाबालिग होने के कारण आराेपियों के खिलाफ लगा पॉक्सो एक्ट

इधर, इस घटना के बाद बाल कल्याण समिति, दुमका के बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जेजे एक्ट 2015 की धारा 30(ii) के तहत इंक्वायरी दर्ज करते हुए मैट्रिक के अंक पत्र के आधार पर बालिका की उम्र घटना के दिन 15 वर्ष 09 माह पायी. बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम होने और जेजे एक्ट की धारा 2 (12) के तहत उसके चाइल्ड की श्रेणी में आने के आधार पर समिति ने उक्त मामले को लेकर दर्ज नगर थाना काण्ड संख्या 200/22 में पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा जोड़ने की अनुशंसा की थी. इसी अनुशंसा के आधार पर 31 अगस्त, 2022 की शाम इस केश में पॉक्सो एक्ट की धारा 12 जोड़ दी गई है.

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CWC चेयरपर्सन की अपील

इस संबंध में बाल कल्याण समिति, दुमका के चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार ने कहा कि पॉक्सो एक्ट 2012 और जेजे एक्ट 2015 के तहत पॉक्सो पीड़िता या चाइल्ड (CNCP/CCL) का फोटो, नाम, पिता का नाम या किसी भी तरह से पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध माना गया है. उन्होंने सभी से पीड़िता शब्द का इस्तेमाल करने और किसी भी रूप में उसके पहचान को उजागर नहीं करने की अपील की है.

रिपोर्ट : आनंद जायसवाल, दुमका.

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