Indian Railways News: दुर्गियाना एक्सप्रेस दुर्घटना की शिकार होने से बाल-बाल बची, टला बड़ा हादसा

Indian Railways News: विभागीय अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर धनबाद के चालक दल की ड्यूटी तुरंत ऑफ करा दी गयी, वहीं दूसरे चालक दल से ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया. मेडिकल टीम ने लोको पायलट तथा सहायक लोको पायलट के ब्लड का सैंपल जांच के लिए लिया है.
Indian Railways News: कोलकाता से अमृतसर जा रही 12357 अप दुर्गियाना एक्सप्रेस शनिवार की रात गंजख्वाजा स्टेशन से महज कुछ आगे दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची. इस घटना में लाल सिग्नल पास कर जाने का मामला सामने आया है. धनबाद के चालक दल की ड्यूटी तुरंत ऑफ कराकर दूसरे चालक दल से ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया. मेडिकल टीम ने लोको पायलट तथा सहायक लोको पायलट के ब्लड का सैंपल जांच के लिए लिया है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक धीरज कुमार ने कहा कि चालक दल का ब्लड सैंपल टेस्ट के लिए भेजा गया है. जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.
मच गया हड़कंप
जानकारी के अनुसार धनबाद के लोको पायलट एमएस अंसारी एवं सहायक लोको पायलट विनय कांत दुर्गियाना एक्सप्रेस को धनबाद से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन लेकर जा रहे थे. ट्रेन का इंजन 8:49 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय फ्लाई ओवर केबिन के पास रिवर्सिबल लाइन पर लाल सिग्नल पास कर रुका. चालक दल ने आनन-फानन में 8:54 बजे ट्रेन को पीछे कर सिग्नल के पास लाया. रेलवे का सिग्नल सिस्टम वर्तमान समय में ट्रैक सर्किट से जुड़ा होने के कारण कंट्रोल रूम को तुरंत मामले की जानकारी मिल गई. जिससे पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में कंट्रोल रूम के कर्मचारियों तथा अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया.
जांच के लिए लिया ब्लड का सैंपल
विभागीय अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर धनबाद के चालक दल की ड्यूटी तुरंत ऑफ करा दी गयी, वहीं दूसरे चालक दल से ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया. मेडिकल टीम ने लोको पायलट तथा सहायक लोको पायलट के ब्लड का सैंपल जांच के लिए लिया है. धनबाद रेल मंडल के विभिन्न डिपो में समय-समय पर संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है. रनिंग कर्मचारियों को संरक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है, ताकि दुर्घटना को शून्य किया जा सके. इसके बावजूद संरक्षा की अनदेखी होना एक गंभीर चिंता का विषय है.
क्या है कारण
रेलवे में रेड सिग्नल पास करने के मामले को ओवरशूट कहा जाता है. चालक दल को उचित रेस्ट नहीं मिलना, तनाव में ड्यूटी जाना, ट्रेन को आसानी से सिगनल के पास रोक लेंगे जैसे अतिविश्वास, ड्यूटी ऑफ होने वाले स्टेशन के पास बैग में सामान रखने के चक्कर में देर से ब्रेकिंग करना आदि ओवरशूट का कारण हो सकता है. आपको बता दें कि रेलवे में ओवरशूट की घटना को पेन पेपर में एक्सीडेंट माना जाता है.
जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक धीरज कुमार ने बताया कि चालक दल का ब्लड सैंपल टेस्ट के लिए भेजा गया है. मामले की जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
रिपोर्ट: वेंकटेश शर्मा
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