पीजी मेडिकल उम्मीदवार ने सीट किया रिजेक्ट तो नहीं दे पायेंगे अगली नीट परीक्षा, जानें पूरा मामला

हर साल राज्य अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) के तहत प्रवेश के लिए राज्य संचालित मेडिकल कॉलेजों से 50% पीजी सीट सेरेंडर करते हैं. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इन उच्च मांग वाली सीटों को बेकार जाने से रोकने के लिए राज्य केंद्र पर दबाव बना रहे हैं.
केंद्र ने घोषणा की है कि वह पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल उम्मीदवारों को नीट-पीजी 2023 के लिए बैठने से रोक देगा, जो काउंसलिंग के दौरान आवंटित सीट लेने से इंकार कर देते हैं. साथ ही उनकी 50,000 जमा राशि जब्त कर ली जायेगी और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ेगा. इस कदम को कम से कम 2,244 पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल सीटों को भरने के उपायों का हिस्सा माना जा रहा है, जो चार राउंड की काउंसलिंग के बाद भी खाली पड़ी हैं.
हर साल राज्य अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) के तहत प्रवेश के लिए राज्य संचालित मेडिकल कॉलेजों से 50% पीजी सीट सेरेंडर करते हैं. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इन उच्च मांग वाली सीटों को बेकार जाने से रोकने के लिए राज्य केंद्र पर दबाव बना रहे हैं.
तमिलनाडु ने इस वर्ष डिप्लोमा सीटों के अलावा 23 से अधिक मेडिकल कॉलेजों से लगभग 1,000 एमडी और एमएस सीटों को छोड़ दिया है. मंगलवार को, राज्य की चयन समिति के पास अपने कॉलेजों में खाली स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों की संख्या का विवरण नहीं था, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि इन सीटों को भरने के लिए काउंसलिंग के विस्तार के लिए एक प्रतिनिधित्व किया गया था. फिर भी, मंगलवार को केंद्रीय परिषद ने खाली सीटों के लिए छह जनवरी से ‘special stray vacancy’ की घोषणा की.
जिन उम्मीदवारों ने पिछले राउंड में रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें 6 जनवरी से 8 जनवरी के बीच नए ऑप्शन में लॉक करना होगा. छात्रों को 50,000 रुपये की रिफंडेबल डिपॉजिट का भुगतान करने के लिए कहा गया है, जिसे सीट नहीं लेने पर उन्हें वापस कर दिया जायेगा.
समिति 9 जनवरी को सीटों को प्रोसेस करेगी और 10 जनवरी को रिजल्ट जारी करेगी. आवंटित सीटों वाले उम्मीदवारों को 14 जनवरी को शाम 5 बजे से पहले कॉलेज ज्वाइन करना होना होगा. जो उम्मीदवार mop-up और stray counselling के दौरान उन्हें आवंटित सीटों को अस्वीकार कर देंगे, उन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी. कि वे अलगे सेशन में भाग लें, नोटिस में कहा गया है. ये सीटें कीमती हैं, और हम चाहते हैं कि छात्र इसे समझें.
उन्हें यह कहते हुए एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाएगा कि उनकी जमा राशि को जब्त कर लेंगे. चिकित्सा परामर्श समिति ने कहा, उन्हें अगले प्रवेश से भी प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. इसके अलावा, हम उम्मीदवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेंगे.
हालांकि उम्मीदवार नए नियमों से खुश हैं, उन्होंने कहा कि समिति को पहले दौर की काउंसलिंग से समान नियम पेश करने चाहिए थे. “समिति को यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लाने चाहिए कि उनके प्रयास और छात्रों का समय बर्बाद न हो. जब दाखिले में देरी होती है तो कभी-कभी छात्र कॉलेज शुरू होने के दो महीने बाद कक्षा में शामिल होते हैं.
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समिति 9 जनवरी को सीटों को प्रोसेस करेगी और 10 जनवरी को रिजल्ट जारी करेगी. आवंटित सीटों वाले उम्मीदवारों को 14 जनवरी को शाम 5 बजे से पहले कॉलेज ज्वाइन करना होना होगा. जो उम्मीदवार mop-up और stray counselling के दौरान उन्हें आवंटित सीटों को अस्वीकार कर देंगे, उन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी. कि वे अलगे सेशन में भाग लें, नोटिस में कहा गया है. ये सीटें कीमती हैं, और हम चाहते हैं कि छात्र इसे समझें.
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By Anita Tanvi
Senior journalist, senior Content Writer, more than 10 years of experience in print and digital media working on Life & Style, Education, Religion and Health beat.
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