सरकार की PAN 2.0 परियोजना क्या है? 10 प्वाइंट्स में जानिए अहम बातें
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 26 Nov 2024 12:28 PM
PAN Card
PAN 2.0: पैन 2.0 स्थायी खाता संख्या (पैन) एक व्यापक अपग्रेडेड प्रणाली है, जो टैक्सपेयर्स के लिए एक सहज, डिजिटल अनुभव बनाने पर केंद्रित है. यह पहल कोर और नॉन-कोर पैन-टैन सेवाओं और पेपरलेस प्लेटफॉर्म में यूनिफाइड करेगी.
PAN 2.0: सरकार ने 25 नवंबर 2024 को पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दी है. सरकार को इस परियोजना के काम को पूरा करने में करीब 1,435 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे. सरकार की इस पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य स्थायी खाता संख्या (पैन) को सरकारी एजेंसियों की सभी डिजिटल प्रणालियों के लिए ‘सामान्य कारोबारी पहचानकर्ता’ बनाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दी गई. आइए, 10 प्वाइंट्स में जानते हैं कि पैन 2.0 परियोजना की खासियत क्या है?
पैन 2.0 क्या है?
पैन 2.0 स्थायी खाता संख्या (पैन) एक व्यापक अपग्रेडेड प्रणाली है, जो टैक्सपेयर्स के लिए एक सहज, डिजिटल अनुभव बनाने पर केंद्रित है. यह पहल कोर और नॉन-कोर पैन/टैन सेवाओं और पेपरलेस प्लेटफॉर्म में यूनिफाइड करेगी, जो सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ जुड़ी होगी. इस प्रणाली में सभी पैन-संबंधित सेवाओं के लिए एक सेंटरलाइज पोर्टल और यूजर्स डेटा की सुरक्षा के लिए एडवांस साइबर सुरक्षा की सुविधा होगी. इस संशोधित प्रणाली का उद्देश्य सरकारी प्रणालियों में डिजिटल इंटरैक्शन के लिए पैन को एक सामान्य पहचानकर्ता बनाना है, जिससे एकरूपता और अनुपालन में आसानी सुनिश्चित हो सके.
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पैन 2.0 की मुख्य विशेषताएं
- पैन 2.0 प्रोजेक्ट टैक्सपेयर्स के बेहतर डिजिटल अनुभव के लिए पैन और टैन सेवाओं के तकनीक आधारित बदलाव के जरिये टैक्सपेयर्स रजिस्ट्रेशन सेवाओं की व्यावसायिक प्रक्रियाओं को फिर से तैयार करने के लिए बनाई गई है.
- पैन 2.0 प्रोजेक्ट के दूसरे लाभ में डेटा का एकल स्रोत और उनमें एकरूपता, पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रियाएं और लागत अनुकूलन और अधिक एगिलिटी के लिए बुनियादी ढांचे की सुरक्षा शामिल हैं.
- यह पहल परिचालन दक्षता में सुधार के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ मौजूदा ढांचे को अपडेट करेगी.
- आयकर विभाग की ओर से करीब 78 करोड़ पैन जारी किए गए हैं. इनमें से 98% पैन पर्सनल स्तर पर जारी किए गए हैं.
- पैन कार्ड में अब क्यूआर कोड होंगे, जिससे करदाता विवरणों तक त्वरित पहुंच और सत्यापन संभव होगा.
- एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म सभी पैन-संबंधित सेवाओं को एकीकृत करेगा, जिससे यूजर्स के लिए अपने खातों तक पहुंचना और उनका प्रबंधन करना आसान हो जाएगा.
- यह मौजूदा पैन/टैन 1.0 ढांचे का एडवांस स्वरूप होगा, जो मुख्य और गैर-मुख्य पैन और टैन गतिविधियों के साथ पैन सत्यापन सेवा को भी एकीकृत करेगा.
- यह परियोजना टैक्सपेयर्स रजिस्ट्रेशन सेवाओं के प्रौद्योगिकी-संचालित रूपांतरण को सक्षम बनाती है.
- इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता के साथ पहुंच में आसानी और सेवा का त्वरित वितरण है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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