खेती पर मौसम की मार : राज्य में दो दिनों की बारिश से फसलों को भारी नुकसान

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 15 Mar 2020 6:04 AM

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बीते दो दिनों की राज्य भर में 40 एमएम से अधिक बारिश ने खेती व किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. एक दर्जन से अधिक जिलों में दलहन व तेलहन की खड़ी फसल जमीन पर गिरने और खराब होने की सूचना है.

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पटना : बीते दो दिनों की राज्य भर में 40 एमएम से अधिक बारिश ने खेती व किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. एक दर्जन से अधिक जिलों में दलहन व तेलहन की खड़ी फसल जमीन पर गिरने और खराब होने की सूचना है. इसको लेकर कृषि विभाग ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों ने दो-तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है. जानकारी के अनुसार सोमवार को फसल नुकसान को लेकर कृषि विभाग के आला अधिकारी बैठक करेंगे.

इधर, कृषि मंत्री डा प्रेम कुमार ने गया आदि जिलों का भ्रमण कर किसानों के फसल नुकसान का जायजा भी लिया . विभाग ने सभी किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र के सभी किसानों की फसलों की वास्तविक स्थिति तथा क्षति का आकलन कर विहित प्रपत्र में प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं, ताकि नुकसान के आधार पर किसानों को इनपुट अनुदान मुहैया करा सके.

30 फीसदी तक नुकसान की आशंका : बारिश ने सबसे अधिक नुकसान दलहन व तेलहन की फसलों का किया है. कृषि मामले के जानकारी व कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गया, समस्तीपुर, अररिया, नालंदा, पूर्णिया से लेकर कई जिलों में बारिश की मात्रा अधिक है. इस कारण दलहल की खड़ी फसल जैसे मसूर, चना से लेकर अन्य फसल को 20 से 30 फीसदी तक नुकसान का अनुमान है. दरअसल दहलन व तेलहन में फसल मार्च माह में ही काटी जाती है. बीते दिनों फरवरी माह में बारिश के कारण जमीन पर गिरने की स्थिति आ गयी थी. अब दोबारा बारिश से उन फसलों को दोहरी मार पड़ी है.

पहले बोआई वाले गेहूं को नुकसान : कृषि वैज्ञानिक डा राजेश सिंह बताते हैं कि गेहूं का नुकसान दलहन व तेलहन के मुकाबले कम होने की संभावना है. जिन जिलों में गेहूं की खेती पहले हुई है और बाल पकने की स्थिति में आ गयी है, उनको अधिक नुकसान होगा, जबकि बाद में बोआई होने वाले गेहूं को कम नुकसान होने की संभावना है.

अनुदान के लिए 23 मार्च तक आवेदन : फरवरी माह में असमय वर्षा, आंधी, ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को हुई क्षति की भरपाई के लिए राज्य सरकार द्वारा 11 जिलों मसलन औरंगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर तथा वैशाली में प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रक्रिया चल रही है. एक लाख 41 हजार आठ सौ 53 किसानों ने आवेदन किये हैं. इसमें किसानों को असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रुपये प्रति हेक्टेयर व सिंचित क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जायेगा. अनुदान के लिए 23 मार्च तक आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है.

गया में 36 घंटे में 69 एमएम व पटना में 21.2 एमएम तक हुई बारिश – पटना : बदले मौसम के मिजाज के कारण शनिवार को पूरे राज्य में बारिश हुई. गया में शुक्रवार की सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर शनिवार को शाम पांच बजे तक 69 एमएम बारिश हुई जो मार्च के महीने में होने वाली बारिश का रिकॉर्ड है. वहीं इतने ही समय में पटना में 21.2 एमएम, भागलपुर में 29.8 एमएम और पूर्णिया में 9.9 एमएम बारिश दर्ज की गयी है.

मौसम वैज्ञानिकों की मानें, तो पाकिस्तान व उससे सटे जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में बने पश्चिमी विक्षोभ व साइक्लोनिक सिस्टम बना हुआ था, जो शनिवार को पंजाब व अासपास के क्षेत्रों तक आ गया. इस कारण शनिवार को पूरे बिहार के सभी इलाकों में अच्छी बारिश हुई. इस दौरान पटना में शनिवार की दोपहर 4.5 एमएम व गया में 26 एमएम, भागलपुर में 13.8 एमएम, पूर्णिया में 4.3 एमएम बारिश हुई.

आज भी बारिश के आसार : अनिसाबाद स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की मानें, तो रविवार को भी राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है. पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया क्षेत्र में बादल छाये रहेंगे. गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है. हालांकि शनिवार के मुकाबले इसका असर कम रहेगा.

रविवार से ही दक्षिणी बिहार के जिलों में धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा,जबकि मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को पूर्णिया, भागलपुर आदि अासपास क्षेत्रों में शनिवार की तरह ही बादल छाने व बारिश होने की संभावना बनी हुई है.

बारिश व बादल के कारण एक बार फिर शहर के तापमान में कमी आ गयी है. शनिवार को पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस कम 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गया में अधिकतम तापमान में सामान्य से 14 डिग्री सेल्सियस की कमी आयी और अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. तापमान में गिरावट के कारण लोगों को एक बार फिर से ठंड का अनुभव होने लगा है. रविवार को भी पूरे राज्य में 16 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहने का अनुमान है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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