Trump Tariff: चीन के खिलाफ नाटो देशों को भड़का रहे ट्रंप, 50-100% टैरिफ लगाने की अपील की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों से चीन पर 50-100% टैरिफ लगाने और रूस से तेल खरीद बंद करने की अपील की है. ट्रंप का कहना है कि चीन पर कठोर शुल्क से यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में मदद मिलेगी और रूस पर दबाव बढ़ेगा. उन्होंने जी-7 देशों से भी रूस के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की मांग की. ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडेन और जेलेंस्की के कारण यह युद्ध शुरू हुआ, जिसे रोककर हजारों जानें बचाई जा सकती हैं.
Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को नाटो देशों से अपील की कि वे चीन पर 50 से 100% तक टैरिफ लगाएं और साथ ही रूस से तेल खरीदना बंद करें. उनका दावा है कि यह कदम यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और रूस की वित्तीय ताकत को कमजोर करने में सहायक होगा.
जी-7 से नाटो तक अपील का विस्तार
ट्रंप का यह बयान अमेरिका द्वारा जी-7 देशों से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने के अनुरोध के एक दिन बाद आया है. उन्होंने कहा कि नाटो देशों की प्रतिबद्धता अभी तक पर्याप्त नहीं रही है और रूस से तेल खरीद जारी रखना “चौंकाने वाला” है.
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह रूस पर बड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव होगा जब सभी नाटो देश सहमत हों और रूस से तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर दें. उन्होंने चेतावनी दी कि रूसी तेल खरीदने से नाटो की “बातचीत की स्थिति और सौदेबाजी की शक्ति कमजोर” होती है.
चीन पर टैरिफ लगाने की रणनीति
ट्रंप ने कहा कि चीन पर 50-100% तक टैरिफ लगाने से यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी. उनके अनुसार, चीन का रूस पर “मजबूत नियंत्रण और पकड़” है और ऊंचे टैरिफ इस पकड़ को तोड़ सकते हैं.
बाइडेन-ज़ेलेंस्की पर आरोप
ट्रंप ने यह भी कहा कि यूक्रेन युद्ध “उनका संघर्ष नहीं है।” उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह युद्ध राष्ट्रपति जो बाइडेन और वोलोदिमिर जेलेंस्की का युद्ध है. ट्रंप का दावा है कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता. उन्होंने खुद को केवल “संघर्ष रोकने और जान बचाने” वाला नेता बताया.
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अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती व्यापारिक तनातनी
फिलहाल, अमेरिका ने चीन से आयात पर 30% अतिरिक्त कर लगाया है, जबकि चीन ने जवाबी कदम के रूप में अमेरिका से आयात पर 10% कर लगाया है. ऐसे हालात में ट्रंप की नई अपील न केवल राजनीतिक तनाव बल्कि वैश्विक व्यापारिक रिश्तों में और अस्थिरता ला सकती है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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