US Trade Deal : अमेरिकी टैरिफ पर भारत का ‘वेट एंड वॉच’, पीयूष गोयल बोले– देशहित सबसे पहले

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US Trade Deal : अमेरिकी टैरिफ पर भारत का ‘वेट एंड वॉच’, पीयूष गोयल बोले– देशहित सबसे पहले

US Trade Deal : अमेरिकी टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत ने ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपनाई है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका से संवाद जारी है और देशहित सर्वोपरि रहेगा. टैरिफ में संभावित बदलाव से भारत को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है.

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US Trade Deal: अमेरिका में टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद वैश्विक व्यापार माहौल में नई हलचल पैदा हो गई है. इस बदलती स्थिति के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने साफ किया है कि भारत फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ यानी इंतजार और निगरानी की रणनीति अपना रहा है. सरकार का कहना है कि हर कदम देश के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखकर उठाया जाएगा.

मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि यह स्थिति लगातार बदल रही है और भारत घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ संवाद जारी है और आंतरिक स्तर पर भी व्यापक विचार-विमर्श हो रहा है. उनका कहना था कि जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा, क्योंकि परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं.

अमेरिका के साथ संवाद जारी

अमेरिकी प्रशासन, जिसकी अगुवाई Donald Trump कर रहे हैं, के साथ भारत की बातचीत विभिन्न स्तरों पर जारी है. मंत्री के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुए संयुक्त वक्तव्य में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि हालात बदलते हैं तो समझौते को दोबारा संतुलित किया जा सकता है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सरकार के पास नीतिगत फैसलों के कई विकल्प हैं, इसलिए अंतिम तस्वीर साफ होने में समय लग सकता है. ऐसे में भारत का रुख संतुलित और व्यावहारिक है.

टैरिफ दरों में बदलाव का क्या मतलब ?

टैरिफ दरों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने “तुलनात्मक लाभ” की बात कही. उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बहुत मायने रखती है. यदि भारत पर लागू टैरिफ दर प्रतिस्पर्धी देशों से कम होती है, तो भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिल सकता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 50 प्रतिशत जैसी ऊंची टैरिफ दर भारतीय निर्यात को नुकसान पहुंचा सकती है. वहीं, यदि दर कम होकर 15 प्रतिशत जैसी हो जाए और यह अन्य देशों से कम हो, तो भारत को स्पष्ट लाभ मिल सकता है.

समझौता सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापार समझौते को केवल टैरिफ के आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता. इसमें बाजार तक पहुंच, निवेश के अवसर, तकनीकी सहयोग और सप्लाई चेन से जुड़ी व्यवस्थाएं भी शामिल होती हैं. हालांकि अंतिम समझौते के पूरे विवरण साझा नहीं किए जा सकते, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि समझौते में भारत के लिए कई सकारात्मक पहलू शामिल हैं. सरकार ने उद्योग जगत और निर्यातकों को आश्वस्त किया है कि भारत वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप रणनीतिक फैसले लेगा. उद्देश्य यह है कि भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिले और नए अवसरों के द्वार खुलें.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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