ट्राई के प्रमुख ने कहा, डिजिटल मंचों, ऐप स्टोर, उपकरणों के लिए भी निरपेक्षता जरूरी

RS Sharma Chairman ( TRAI ) With Birat Bhatia during India Internet Conference Digital India 4 Sustainable Development in New Delhi on Thursday. Express Photo by Amit Mehra. 06.04.2017. *** Local Caption *** RS Sharma Chairman ( TRAI ) With Birat Bhatia during India Internet Conference Digital India 4 Sustainable Development in New Delhi on Thursday. Express Photo by Amit Mehra. 06.04.2017.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) (TRAI) के प्रमुख आर एस शर्मा ने कहा है कि विभिन्न मंचों, ऐप स्टोर, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरणों पर भी निरपेक्षता का सिद्धान्त लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्कों पर निरपेक्षता का सिद्धान्त लागू होता है, ऐसे में अन्य के लिए भी निरपेक्षता जरूरी है. ट्राई के चेयरमैन शर्मा का कार्यकाल 30 सितंबर को पूरा हो रहा है.
नयी दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रमुख आर एस शर्मा ने कहा है कि विभिन्न मंचों, ऐप स्टोर, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरणों पर भी निरपेक्षता का सिद्धान्त लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्कों पर निरपेक्षता का सिद्धान्त लागू होता है, ऐसे में अन्य के लिए भी निरपेक्षता जरूरी है. ट्राई के चेयरमैन शर्मा का कार्यकाल 30 सितंबर को पूरा हो रहा है.
शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि डिजिटल दौर में प्लेटफॉर्म या मंचों, ऐप स्टोर, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरणों की निरपेक्षता एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसकी समीक्षा किए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह एक ‘नया मोर्चा’ है जिसपर ध्यान दिए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि उपकरण, ऑपरेटिंग प्रणाली या डिजिटल मंच किसी तरह का मनमाना नियंत्रण नहीं कर पाएं, इसके लिए निरपेक्षता महत्वपूर्ण है.
शर्मा ने कहा, ‘‘इन क्षेत्रों पर कौन गौर करेगा. मैं यह नहीं कह रहा ट्राई को यह करना चाहिए या किसी और को. मैं यह कहना चाहता हूं कि उपकरणों, ऑपरेटिंग प्रणाली और डिजिटल मंचों की निरपेक्षता जरूरी है जिसकी समीक्षा की जानी चाहिए और इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए.” शर्मा ने कहा कि ऐसे समय जबकि इंटरनेट व्यापक हो गया है, स्मार्टफोन और उपकरण…सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग प्रणाली और ऐप स्टोर तक पहुंचने का माध्यम बन चुके हैं.
उन्होंने कहा कि मंच, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरण यदि निरपेक्ष नहीं होंगे, तो उनका नियंत्रण मनमाना हो जाएगा. दूरसंचार सेवा प्रदाता नेट निरपेक्षता के सिद्धान्त की वजह से इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते.
Posted By: Pawan Singh
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