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FPI Data: विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर कम हुआ भरोसा, सितंबर में अब तक निकाले 4200 करोड़ रुपये

Updated at : 10 Sep 2023 12:51 PM (IST)
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FPI Data: विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर कम हुआ भरोसा, सितंबर में अब तक निकाले 4200 करोड़ रुपये

FPI Data: एफपीआई ने इस महीने में आठ सितंबर तक शेयरों से शुद्ध रूप से 4,203 करोड़ रुपये निकाले हैं. इससे पहले एफपीआई का भारतीय शेयरों में निवेश अगस्त में चार माह के निचले स्तर 12,262 करोड़ रुपये पर आ गया था.

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FPI Data: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशको का पिछले छह महीने से कायम भरोसा डगमगा गया है. निवेशक अब बाजार से पैसे निकाल रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अब बिकवाल बन गए हैं. उन्होंने सितंबर में अबतक शेयर बाजारों से 4,200 करोड़ रुपये निकाले हैं. यस सिक्योरिटीज (इंडिया) लिमिटेड की मुख्य निवेश सलाहकार निताशा शंकर ने कहा कि आने वाले एक या दो सप्ताह में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी का सिलसिला जारी रह सकता है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा हमें रुपये के तेज उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखने की जरूरत है, जो आगे चलकर एफपीआई प्रवाह को प्रभावित कर सकता है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने इस महीने में आठ सितंबर तक शेयरों से शुद्ध रूप से 4,203 करोड़ रुपये निकाले हैं. इससे पहले एफपीआई का भारतीय शेयरों में निवेश अगस्त में चार माह के निचले स्तर 12,262 करोड़ रुपये पर आ गया था. इससे पहले एफपीआई पिछले छह माह मार्च से अगस्त तक लगातार भारतीय शेयरों में लिवाल रहे थे. इस दौरान उन्होंने 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे.

डॉलर सूचकांक की मजबूती से एफपीआई का रुख बदला

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने सितंबर में रुझान में बदलाव के लिए अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने को प्रमुख वजह बताया. उन्होंने कहा कि इसके अलावा डॉलर सूचकांक की मजबूती की वजह से भी एफपीआई के रुख में बदलाव आया है. मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी की मुख्य वजह वैश्विक ब्याज दर परिदृश्य, विशेष रूप से अमेरिका में अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता रही है. उन्होंने कहा कि ये चिंताएं व्यापक वैश्विक आर्थिक कारकों से उपजी हैं. इनमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मुद्रास्फीति जोखिमों का फिर उभरना शामिल है. समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में 643 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके साथ ही इस साल अबतक शेयरों में एफपीआई का कुल निवेश 1.31 लाख करोड़ रुपये और बॉन्ड बाजार में 28,825 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

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बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 320.94 लाख करोड़ रुपये के नए शिखर पर

घरेलू शेयर बाजारों में जारी तेजी के बीच बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को बढ़कर 320.94 लाख करोड़ रुपये के नए शिखर पर पहुंच गया. कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन बीएसई सेंसेक्स 333.35 अंक यानी 0.50 प्रतिशत बढ़कर 66,598.91 पर बंद हुआ. सेंसेक्स 31 अगस्त के बाद से अब तक कुल 1,767.5 अंक यानी 2.72 फीसदी चढ़ चुका है. तेजी के इस माहौल में बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 3,20,94,202.12 करोड़ रुपये के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के तकनीकी अनुसंधान उपाध्यक्ष अमोल अठावले ने कहा कि प्रमुख सूचकांकों ने एक बार फिर कमजोर एशियाई और यूरोपीय बाजारों के रुझान को नकारते हुए लगातार छठे दिन ठोस लाभ दर्ज किया. उन्होंने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अवसर की कमी के चलते निवेशक भारत पर दांव लगा रहे हैं.

(भाषा इनपुट के साथ)

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