Sona Chandi Bhav: चांदी की तूफानी तेजी पर लग गया ब्रेक, सोने की चमक पड़ी फीकी

सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट.
Sona Chandi Bhav: सोना-चांदी भाव में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिली. एमसीएक्स में रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली हावी होने से चांदी करीब 3% टूट गई, जबकि सोने की चार दिन की तेजी पर भी ब्रेक लग गया. कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता से सर्राफा बाजार में दबाव बढ़ा. विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक खरीदारी के बाद अब तकनीकी सुधार का दौर शुरू हो सकता है. हालांकि, लंबी अवधि में सुरक्षित निवेश की मांग बनी रह सकती है.
Sona Chandi Bhav: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में मुनाफावसूली की वजह से चांदी की तूफानी तेजी पर सोमवार को ब्रेक लग गया. लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई बनाने के बाद सर्राफा बाजार में अब मुनाफावसूली हावी होती दिख रही है. कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के चलते चांदी और सोने दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. जहां चांदी रिकॉर्ड स्तर से लगभग 3% टूट गई, वहीं सोने की चार दिन की तेजी भी थम गई.
रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद चांदी में तेज गिरावट
भारी उतार-चढ़ाव वाले वायदा कारोबार में चांदी ने सोमवार को दिन की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ की. शुरुआती सत्र में चांदी का वायदा भाव 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, इस ऐतिहासिक तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली. एमसीएक्स में कारोबार के अंत तक चांदी के वायदा भाव 7,124 रुपये यानी करीब 2.97% गिरकर 2,32,663 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुए. यह गिरावट इस बात का संकेत है कि अत्यधिक तेजी के बाद बाजार में ठहराव आ सकता है.
पिछले हफ्ते आई थी जबरदस्त छलांग
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह एमसीएक्स में चांदी के वायदा भाव में 31,348 रुपये प्रति किलोग्राम यानी करीब 15.04% की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई थी. इतनी तेज बढ़त के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालना स्वाभाविक माना जा रहा है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज तेजी के बाद तकनीकी सुधार आना जरूरी होता है.
सोने की तेजी पर भी लगा विराम
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सोमवार को कमजोरी देखने को मिली. ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते सोने की चार दिन से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया. सोने के वायदा भाव 1,497 रुपये यानी 1.07% की गिरावट के साथ 1,38,376 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए. इससे पहले शुक्रवार को सोना 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. लगातार बढ़त के बाद आई यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के मुताबिक, यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने और चांदी दोनों की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आईं. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद व्यापारियों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर दबाव बना. उन्होंने कहा कि सोने और चांदी दोनों में अत्यधिक खरीदारी की स्थिति बनी हुई है, जो सतर्कता का संकेत है. तेजी जारी रहने से पहले बाजार में एक स्वस्थ तकनीकी सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है.
वैश्विक बाजार में भी दिखी कमजोरी
वैश्विक स्तर पर भी सर्राफा बाजार में दबाव देखने को मिला. कॉमेक्स में चांदी का मार्च 2026 का अनुबंध 3.49 डॉलर यानी 4.51% गिरकर 73.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. हालांकि, सत्र की शुरुआत में चांदी ने पहली बार 80 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार करते हुए 82.67 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड बनाया था. इसी तरह, फरवरी डिलीवरी के लिए सोना 72.55 डॉलर यानी 1.59% गिरकर 4,480.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया. इससे पहले शुक्रवार को सोना 4,584 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था.
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आगे का कैसा रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि महीने और साल के अंत में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को नए सिरे से संतुलित करेंगे. ऐसे में निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों पर तकनीकी सुधार का दबाव बना रह सकता है. हालांकि, लंबी अवधि में वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग सर्राफा बाजार को सहारा देती रह सकती है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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