SIP में निवेश से मिलेगा बेहतर रिटर्न!, शुरू करने से पहले यहां जानिए इसके बारे में सबकुछ

SIP Investment And Return सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) म्युचुअल फंड में निवेश करने का सबसे सुरक्षित और बेहतर तरीका माना जाता है. पूरी दुनिया में बीते वर्ष कोरोना महामारी से निपटने के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के साथ ही शेयर बाजार में रिकवरी दिखाई दी है. ऐसे में म्यूचुअल फंडों का रिटर्न भी अब बेहतर होने लगा है. दरअसल, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिहाज से लागू किए गए लॉकडाउन के बाद बीते कुछ महीनों में इक्विटी फंडों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. इसी के मद्देनजर एक्सपर्ट एक बार फिर म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर पॉजिटिव हुए हैं.
SIP Investment And Return सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) म्युचुअल फंड में निवेश करने का सबसे सुरक्षित और बेहतर तरीका माना जाता है. पूरी दुनिया में बीते वर्ष कोरोना महामारी से निपटने के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के साथ ही शेयर बाजार में रिकवरी दिखाई दी है. ऐसे में म्यूचुअल फंडों का रिटर्न भी अब बेहतर होने लगा है. दरअसल, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिहाज से लागू किए गए लॉकडाउन के बाद बीते कुछ महीनों में इक्विटी फंडों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. इसी के मद्देनजर एक्सपर्ट एक बार फिर म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर पॉजिटिव हुए हैं.
खास बात यह है कि एसआईपी (SIP) में निवेशका को अपना पैसा एक मुश्त जमा करने की जगह हर महीने में अपने हिसाब से तय किस्त के आधार पर जमा करने की छूट मिलती है. इससे छोटे रिटेल निवेशकों के लिए निवेश करने में बड़ी सहूलियत होती है. एक्सपर्ट की मानें तो एसआईपी में लंबी अवधि में हाई रिटर्न की संभावना भी ज्यादा होती है. मौजूदा समय में मार्केट में ऐसी बहुत से एसआईपी स्कीम है, जिनमें निवेशक महज सौ से पांच सौ रुपये भी हर महीने जमा करके अपना निवेश शुरू कर सकते हैं. अमूमन बाजार में ऐसी कई म्यूचुअल फंड स्कीम हैं, जिनमें पिछले पांच साल में 15-25 फीसदी तक सालाना के हिसाब से रिटर्न मिला है.
– उन निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प माना जाता है, जो बाजार की जोखिम को कम करना चाहते हैं.
– इसके जरिए कैपिटल मार्केट में छोटी राशि के साथ और आसान किस्तों में भी निवेश किया जा सकता हैं.
– एसआईपी में निवेशकों को कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है और लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है.
– जब बाजार में रिटर्न बढ़ रहा हो तो निवेशक टॉप अप एसआईपी के जरिए किस्त बढ़ा सकते हैं.
– बाजार में गिरावट आने और डर बढ़ने पर एसआईपी पॉज करने की भी सुविधा मिलती है, फिर बाजार की स्थिति सुधरने पर निवेशक इसे जारी रख सकते हैं.
– स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन देकर बैंक अकाउंट से ऑटो डेबिट की सुविधा भी ले सकते हैं, जिससे हर महीने आपके बैंक अकाउंट से अपने आप किश्त की राशि कट जाएगी.
– केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया जरूरी.
– पैनकॉर्ड, एड्रेसप्रूफ, पासपोर्ट आकार के फोटोग्रॉफ और चेकबुक आपके पास होना जरूरी.
– एसआईपी पेमेंट के डेबिट के लिए निवेशक को अपना बैंक अकाउंट डिटेल भी उपलब्ध कराना होता है.
– ऑनलाइन ट्रांसजैक्शन के लिए आपको एक यूजर नेम और पॉसवर्ड बनाना होगा.
– निवेशक किसी फंड हाउस के वेबसाइड पर जाकर एसपीआई का चुनाव कर ऑनलाइन शुरू कर सकते है.
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