Share Market: शेयर बाजार में हल्की बढ़त, निफ्टी-सेंसेक्स में सुधार, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं का दबाव बरकरार

शेयर बाजार की सांकेतिक तस्वीर
Share Market: गुरुवार को सेंसेक्स 34.39 अंक बढ़कर 73,764.62 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 26.75 अंक चढ़कर 22,364.05 के स्तर पर पहुंचा. बाजार में खरीदारी का जोर देखा गया, जिससे कुछ प्रमुख शेयरों में तेजी दर्ज की गई.
Share Market: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को हल्की बढ़त के साथ खुले, जिसमें घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हालांकि, बाजार अब भी वैश्विक अनिश्चितताओं से प्रभावित हो सकता है.
सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त
गुरुवार को सेंसेक्स 34.39 अंक बढ़कर 73,764.62 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 26.75 अंक चढ़कर 22,364.05 के स्तर पर पहुंचा. बाजार में खरीदारी का जोर देखा गया, जिससे कुछ प्रमुख शेयरों में तेजी दर्ज की गई.
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में तेजी रही, जबकि 22 शेयरों में गिरावट देखी गई.
टॉप गेनर्स:
- BPCL
- एशियन पेंट्स
- श्रीराम फाइनेंस
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- टाटा स्टील
टॉप लूजर्स:
- एसबीआई लाइफ
- ब्रिटानिया
- इन्फोसिस
- भारती एयरटेल
- ट्रेंट
10 दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी में सुधार
निफ्टी ने मंगलवार को 1.2% की बढ़त के साथ अपनी लगातार 10 दिनों की सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला तोड़ा. एक्सिस सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च अक्षय चिंचालकर ने कहा, “निफ्टी ने आखिरकार अपनी सबसे खराब 10-दिनों की गिरावट का अंत किया, जो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है. इस रिबाउंड में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों का बेहतर प्रदर्शन निवेशकों के लिए और भी उत्साहजनक है.”
उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए 22100-22187 का सपोर्ट ज़ोन मजबूत हो गया है और अब बाजार 22410-22720 के रेजिस्टेंस ज़ोन की ओर बढ़ सकता है. यदि निफ्टी 22,508 से ऊपर बंद होता है, तो यह बुल्स के लिए एक बड़ा संकेत होगा.
वैश्विक अनिश्चितताओं से बाजार पर दबाव
हालांकि भारतीय बाजार में सुधार देखा जा रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताएं इस तेजी पर ब्रेक लगा सकती हैं. बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा, “बाजार की यह रिकवरी जारी रहेगी या नहीं, यह वैश्विक जोखिम कारकों पर निर्भर करेगा. खासतौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से उत्पन्न अनिश्चितता चिंता का विषय बनी हुई है. भारत 2 अप्रैल की समय सीमा से पहले ट्रंप के साथ टैरिफ समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, घरेलू निवेशक फिलहाल एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) की बिकवाली को संभाल रहे हैं.”
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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