औद्योगिक श्रमिकों की जेब पर महंगाई की मार, मई में 6.97 फीसदी पर पहुंची खुदरा महंगाई दर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jul 2022 10:11 AM
Photo: Social Media
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में साल-दर-साल आधार पर मुद्रास्फीति बढ़कर 6.97 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 6.33 प्रतिशत और पिछले साल के समान महीने में 5.25 प्रतिशत पर थी.
नई दिल्ली : भारत के आम आदमी के साथ-साथ औद्योगिक श्रमिकों को भी महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है. औद्योगिक श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति मई में बढ़कर 6.97 प्रतिशत पर पहुंच गई. अप्रैल में यह 6.33 प्रतिशत के स्तर पर थी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि खाने-पीने के कुछ सामान महंगे होने से इसमें बढ़ोतरी हुई है.
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में साल-दर-साल आधार पर मुद्रास्फीति बढ़कर 6.97 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 6.33 प्रतिशत और पिछले साल के समान महीने में 5.25 प्रतिशत पर थी. इस दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 7.92 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने 7.05 प्रतिशत पर थी. मई, 2021 में यह 5.26 प्रतिशत थी. मई में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- औद्योगिक श्रमिक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) 1.3 अंक बढ़कर 129 अंक हो गया.
इसके साथ ही, आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन मई, 2022 के दौरान एक साल पहले के समान महीने की तुलना में 18.1 प्रतिशत बढ़ा है. सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 13 महीने में इसमें सबसे अधिक वृद्धि हुई है. अप्रैल, 2022 में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे आठ बुनियादी क्षेत्रों के उत्पादन में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.
आंकड़ों के अनुसार, कोयला, कच्चा तेल, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, सीमेंट और बिजली का उत्पादन मई में क्रमश: 25.1 प्रतिशत, 4.6 प्रतिशत, 16.7 प्रतिशत, 22.8 प्रतिशत, 26.3 प्रतिशत और 22 प्रतिशत बढ़ा है. इसके अलावा, प्राकृतिक गैस और इस्पात उत्पादन की वृद्धि दर मई में घटकर क्रमश: सात और 15 प्रतिशत रह गई. मई, 2021 में प्राकृतिक गैस का उत्पादन 20.1 प्रतिशत और इस्पात का उत्पादन 55.2 प्रतिशत बढ़ा था. कुल मिलाकर अप्रैल-मई 2022-23 के दौरान आठ बुनियादी उद्योगों उत्पादन 13.6 प्रतिशत बढ़ा है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 36.3 प्रतिशत बढ़ा था.
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इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि मई के लिए प्रमुख उद्योग क्षेत्रों में वृद्धि मजबूत रही. हालांकि, यह कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान के निचले आधार प्रभाव की वजह से है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग आंकड़ों में सालाना आधार पर वृद्धि में व्यापक सुधार आया है. निम्न आधार के कारण इसमें वृद्धि हुई है, जबकी कोयला क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है.
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