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किसानों पर मेहरबान निर्मला सीतारमण : 63000 पैक्स होंगे कम्प्यूटरीकृत, कृषि क्रेडिट लक्ष्य हुआ 20 लाख करोड़

1 Feb, 2023 3:05 pm
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किसानों पर मेहरबान निर्मला सीतारमण : 63000 पैक्स होंगे कम्प्यूटरीकृत, कृषि क्रेडिट लक्ष्य हुआ 20 लाख करोड़

पैक्स (Primary Agricultural Credit Societies) के लिए मॉडल बाइलॉज बनाये गये. राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार किया गया. इतना ही नहीं, सरकार भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. यह किसानों के उत्पाद के भंडारण में मददगार होगा.

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अमृतकाल के पहले अमृत बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों पर मेहरबानी दिखायी है. किसानों के लिए जो बड़ी घोषणाएं की गयीं हैं, उनमें 63,000 प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) का कम्प्यूटरीकरण और कृषि ऋण का लक्ष्य बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये करना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 के अपने भाषण में कहा कि 63 हजार पैक्स को डिजिटाइज करने पर सरकार 2,516 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

5 साल में गांवों में खुलेंगी कई सहकारिता समितियां

उन्होंने कहा कि पैक्स (Primary Agricultural Credit Societies) के लिए मॉडल बाइलॉज बनाये गये. राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार किया गया. इतना ही नहीं, सरकार भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. यह किसानों के उत्पाद के भंडारण में मददगार होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आने वाले 5 सालों में सरकार वैसे गांवों में जहां अभी सहकारिता समितियां नहीं हैं, बड़ी संख्या में सहकारिता समितियों, मत्स्य सहकारिता समितियों और डेयरी सहकारिता समितियों की स्थापना करेगी.

पीएम मत्स्य संपदा योजना पर सरकार खर्च करेगी 6,000 करोड़ रुपये

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) की शुरुआत करने का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इस योजना पर सरकार 6,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी. इससे मत्स्यपालन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही मछली विक्रेताओं और इससे जुड़े सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को मदद मिलेगी और बाजार का विस्तार भी होगा.

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कृषि साख का लक्ष्य 20 लाख करोड़ रुपये

वित्त मंत्री ने कृषि साख के लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार ने पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि के लिए डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को ओपन सोर्स, ओपन स्टैंडर्ड, इंटरऑपरेबल पब्लिक गुड के रूप में स्थापित किया जायेगा.

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कपास के किसानों के लिए भी है योजना

निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि किसान केंद्रित सॉल्यूशन भी सरकार देगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा, बाजार, कृषि उद्योग और स्टार्टअप्स को इसका फायदा मिलेगा. अत्यधिक लंबे कपास के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पीपीपी मोड पर काम करेगी. इसके तहत किसान, उद्योग और सरकार मिलकर संभावनाएं तलाशेंगे.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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