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Mutual funds : क्वांट म्यूचुअल फंड पर लगा गड़बड़ी का आरोप, एक साल में 74% तक मिला है रिटर्न्स

Updated at : 24 Jun 2024 5:13 PM (IST)
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Mutual funds : क्वांट म्यूचुअल फंड पर लगा गड़बड़ी का आरोप, एक साल में 74% तक मिला है रिटर्न्स

म्यूचुअल फंड में निवेश करना फायदे का सौदा. फोटो: सोशल मीडिया

Mutual fund : मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सेबी ने फ्रंट-रनिंग मामले के सिलसिले में क्वांट म्यूचुअल फंड के कार्यालयों पर तलाशी छापेमारी की खबर सामने आई है .

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Mutual funds : बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनियामक बोर्ड (SEBI) ने फ्रंट-रनिंग मामले में क्वांट म्यूचुअल फंड के मुंबई और हैदराबाद स्तिथ कार्यालयों पर छापेमारी की है. पिछले शुक्रवार को इस मामले में क्वांट डीलरों सहित मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों से पूछताछ की खबरें भी सामने आई हैं. क्वांट म्यूचुअल फंड ने इस मामले में अपने निवेशकों को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि वे रेगुलेटर के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं .

Quant म्यूचुअल फंड का रहा है अच्छा परफॉर्मेंस

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, क्वांट म्यूचुअल फंड की शुरुआत संदीप टंडन ने की थी और साल 2017 में इसे सेबी से लाइसेंस जारी किया गया था. क्वांट म्यूचुअल फंड ने पिछले कुछ सालों में अपने शानदार रिटर्न के कारण निवेशकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई. मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फंड हाउस की संपत्ति फिलहाल 90 हजार करोड़ रुपये है, जबकि 2019 में यह 100 करोड़ रुपये थी. इस साल जनवरी में फंड की संपत्ति 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गई. हजारों लोग सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के ज़रिए इस फंड हाउस में निवेश करना पसंद करते हैं. पर अब, क्वांट म्यूचुअल फंड की दिक्कतें बढ़ चुकी हैं .

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Front running क्या होता है ?

म्यूचुअल फंड में फ्रंट-रनिंग तब होती है जब कोई ब्रोकर या डीलर को किसी बड़े सौदे के बारे में अंदरूनी जानकारी होती है और वह इसका इस्तेमाल अपने पर्सनल ट्रेड करने के लिए करता है, जो पूरी तरह से कानून के विरुद्ध है .

सेबी के एक्शन से ऐसा हो सकता है असर

यदि सेबी क्वांट फंड हाउस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला करता है, तो इससे म्यूचुअल फंड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है. कोई भी नकारात्मक प्रभाव समग्र म्यूचुअल फंड और एसआईपी उद्योग को प्रभावित कर सकता है. इससे निवेशकों के विश्वास में कमी आ सकती है और संभावित रूप से म्यूचुअल फंड और एसआईपी में निवेश में कमी आ सकती है. हाल ही में, एसआईपी बंद करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है .

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Pranav P

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Pranav P is a contributor at Prabhat Khabar.

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