ePaper

मुंबई की अदालत ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की जमानत याचिका खारिज की

Updated at : 03 Apr 2020 10:46 PM (IST)
विज्ञापन
मुंबई की अदालत ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की जमानत याचिका खारिज की

मुंबई की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में न्यायिक हिरासत में रखे गये यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की अंतरिम जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी.

विज्ञापन

मुंबई : मुंबई की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में न्यायिक हिरासत में रखे गये यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की अंतरिम जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी. कपूर (62) ने यह दावा करते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि उनके स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति में जेल में उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण होने का खतरा है.

वकील सुभाष जाधव के माध्यम से दायर याचिका में उन्होंने दावा किया कि वह लंबे समय से प्रतिरोधक क्षमता की कमी से जूझ रहे हैं और इसके चलते उनके फेफड़े और त्वचा में संक्रमण हो जाता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह 18 सालों से उच्च रक्तचाप, बेचैनी महसूस होने की समस्या और अवसाद से ग्रसित हैं, लेकिन अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें पिछले महीने धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था. ईडी के अनुसार, जब कपूर के हाथों में यस बैंक की कमान थी, तब बैंक ने 30,000 करोड़ रूपये का ऋण दिया था, जिसकी वसूली नहीं हो पायी. ईडी का आरोप है कि बड़े कर्जों का आवंटन करने के लिए कपूर, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य को उनके परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों के जरिये 4,300 करोड़ रूपये का फायदा हुआ तथा यह रकम रिश्वत के तौर पर मिली.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola