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Moonlight Policy: टेक इंडस्ट्री में मूनलाइटिंग पॉलिसी पर बोले विप्रो के ऋषद प्रेमजी, यह धोखा है

Updated at : 20 Aug 2022 9:34 PM (IST)
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Moonlight Policy: टेक इंडस्ट्री में मूनलाइटिंग पॉलिसी पर बोले विप्रो के ऋषद प्रेमजी, यह धोखा है

Moonlight Policy: विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने ट्वीट कर कहा कि टेक इंडस्ट्री में मूनलाइटिंग पॉलिसी को लेकर लोगों के बीच बहुत सारी बेकार की चर्चाएं हो रही है. उन्होंने इसे धोखा करार दिया है.

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Moonlight Policy: विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने टेक इंडस्ट्री में मूनलाइटिंग पॉलिसी की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है. दुनिया की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने ट्वीट कर कहा कि टेक इंडस्ट्री में मूनलाइटिंग पॉलिसी को लेकर लोगों के बीच बहुत सारी बेकार की चर्चाएं हो रही है. यह धोखा है.

विप्रो ने कर्मचारियों को वैरिएबल-पे का भुगतान रोका

इससे पहले, मार्जिन पर दबाव के चलते विप्रो लिमिटेड ने कर्मचारियों के वैरिएबल पे का भुगतान रोक दिया है. सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने मुख्य रूप से मार्जिन पर दबाव, अपनी प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला में अक्षमता और प्रौद्योगिकी में निवेश के चलते वैरिएबल पे का भुगतान रोक दिया है. कंपनी ने एक ई-मेल के जरिये कर्मचारियों को वैरिएबल पे रोकने की जानकारी दी है. बताया गया कि कि कंपनी के अधिकारी (सी-सूट) स्तर के प्रबंधकों को वैरिएबल पे का कोई हिस्सा नहीं मिलेगा, जबकि नए कर्मचारियों से लेकर टीम प्रमुख को कुल वैरिएबल पे का 70 प्रतिशत मिलेगा.


विप्रो का शुद्ध लाभ घटा

विप्रो का जून, 2022 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,563.6 करोड़ रुपये पर आ गया. कंपनी को एक साल पहले की समान तिमाही में (कंपनी के इक्विटी धारकों के कारण) में 3,242.6 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। विप्रो में 30 जून, 2022 तक 2,58,574 कर्मचारी कार्यरत थे.

Swiggy अपने कर्मचारियों के लिए लेकर आई मूनलाइटिंग पॉलिसी

इधर, फूड डिलिवरी कंपनी स्विगी अपने कर्मचारियों के लिए मूनलाइटिंग पॉलिसी लेकर आई है. इसके तहत कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए उनकी अपनी नौकरी के साथ दूसरी जगह काम करने का रास्ता साफ कर दिया है. इस पॉलिसी के अनुसार कर्मी अपने वर्किंग ऑवर्स के बाद किसी दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए काम कर सकते हैं, बशर्ते उस प्रोजेक्ट से कंपनी के हितों का टकराव ना हो रहा हो. स्विगी ने इंडस्ट्री में इस तरह की पॉलिसी पहली बार लाने का दावा किया है. बयान जारी कर कहा गया है कि कंपनी के कर्मचारी अपने काम का घंटा पूरा होने के बाद या वीकेंड पर कोई दूसरा काम कर सकेंगे. इसके लिए शर्त केवल इतनी होगी कि जिस प्रोजेक्ट के लिए वे काम कर रहे हैं, उससे ना उनकी उत्पादकता प्रभावित हो ना ही स्विगी के साथ उस प्रोजेक्ट के हितों का टकराव हो.

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