Kanpur Cyber Fraud: 'ठग का ठग' बना कानपुर का युवक, ठग बोला 'तुमने मेरा ही गला काट दिया'

Updated at : 17 Mar 2025 11:47 AM (IST)
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Kanpur Cyber Fraud: 'ठग का ठग' बना कानपुर का युवक, ठग बोला 'तुमने मेरा ही गला काट दिया'

Kanpur Cyber Fraud: कानपुर में एक युवक ने साइबर ठग को ही ठग लिया.ठग को झांसे में लेकर युवक ने अपने खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए, मामला अब चर्चा का विषय बन गया

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Kanpur Cyber Fraud: उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने न सिर्फ खुद को ठगी से बचाया, बल्कि ठग से ही 10 हजार रुपये ऐंठ लिए. आमतौर पर साइबर ठग भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं, लेकिन इस बार मामला उल्टा पड़ गया.

ठग की चालाकी को युवक ने किया नाकाम

बर्रा निवासी भूपेंद्र सिंह ने इस ठग को मात देने की अनोखी रणनीति अपनाई. भूपेंद्र के मुताबिक, 6 मार्च को उनके पास एक कॉल आई जिसमें कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया. उस व्यक्ति ने भूपेंद्र पर आरोप लगाया कि वह अश्लील वीडियो देखते हैं और उनके खिलाफ किसी लड़की ने एफआईआर दर्ज कराई है.

ठग ने व्हाट्सऐप पर 32 मॉर्फ्ड वीडियो और 48 मॉर्फ्ड फोटो भेजते हुए धमकी दी कि सीबीआई और पुलिस जल्द ही उनके घर पहुंचेगी. हालांकि, भूपेंद्र को ठग की हरकतें संदिग्ध लगीं और उन्होंने उल्टा उसे फंसाने का प्लान बना लिया.

ठग को उलझाकर लिया 10 हजार रुपये

भूपेंद्र ने ठग से कहा, “अंकल, प्लीज मम्मी को मत बताइएगा,” जबकि उनकी मां का पहले ही निधन हो चुका था. इसके बाद ठग ने भूपेंद्र से केस खत्म करने के लिए 16 हजार रुपये मांगे. भूपेंद्र ने बहाना बनाते हुए कहा कि उनके पास एक सोने की चेन है, जिसे बेचकर वह रकम का इंतजाम करेंगे.

इसके बाद भूपेंद्र ने गोल्ड लोन का बहाना बनाते हुए ठग को 3 हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए मना लिया. बाद में उन्होंने इसी तरह ठग से कुल 10 हजार रुपये ठग लिए.

7.27 मिनट के ऑडियो में ठग का दर्द

भूपेंद्र और ठग के बीच 7.27 मिनट की बातचीत का ऑडियो सामने आया है, जिसमें ठग हताशा में कह रहा है:

ठग: बेटा, तुम फोन नहीं उठा रहे.

भूपेंद्र: सर, हम इसलिए फोन नहीं उठा रहे थे कि आप डांटेंगे. पैसे की व्यवस्था नहीं हो पाई है.

ठग: हमें भी डांट पड़ रही है. मेरी नौकरी चली जाएगी. तुम मुझे बेवकूफ समझ रहे हो?

भूपेंद्र: नहीं सर, मैं आपको बेवकूफ नहीं समझ रहा हूं.

ठग: तुमने 3 हजार मांगे, मैंने दे दिए. फिर दोबारा मांगा, तब भी भेज दिया. क्या मेरे माथे पर बेवकूफ लिखा था?

भूपेंद्र: आपने मेरी मदद की है, सर.

ठग: मदद की है तो ऐसा करोगे मेरे साथ? मेरे बच्चों की होली के लिए भी कुछ नहीं बचा.

ठगी का मामला पुलिस के संज्ञान में

यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर एक नया मोड़ है, जिसमें सतर्कता और सूझबूझ के बल पर युवक ने न केवल खुद को ठगी से बचाया बल्कि ठग को भी सबक सिखाया.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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