युद्ध की आग में झुलसा बजट; रसोई से लेकर हवाई सफर तक सब कुछ महंगा

महंगाई का महासंकट (फोटो : Canva )
Iran War Impact : ईरान युद्ध और कमजोर रुपये की दोहरी मार: ₹95.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया. तेल, गैस, राशन और हवाई सफर सब कुछ हुआ महंगा. जानिए आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ.
Iran War Impact : पश्चिम एशिया में युद्ध और स्ट्रेट होर्मुज के बंद होने से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अस्थिर हैं. भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, जिसके लिए अब उसे कमजोर रुपये (₹95.40 प्रति डॉलर) के कारण और भी ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं. इसका सीधा असर रसोई गैस पर दिखा है.
दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर के दाम महज 10 दिनों में 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गए हैं. जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पूरी सप्लाई चेन महंगी हो जाएगी, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा.
तेल, दाल और सूखे मेवे हुए महंगे
ईरान युद्ध का सबसे गहरा असर खाद्य पदार्थों पर पड़ा है. 10 मार्च के बाद से सूरजमुखी का तेल ₹15 और सरसों का तेल ₹10 प्रति लीटर तक महंगा हो गया है. दालों के मामले में, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने से तुअर, उड़द और मसूर की कीमतों में तेजी आई है.
इसके अलावा, भारत के सेब आयात में ईरान की 23% हिस्सेदारी है, जबकि पिस्ता (60%) और बादाम (39%) जैसे सूखे मेवों के लिए भी भारत काफी हद तक ईरान पर निर्भर है. युद्ध के चलते इन फलों और ड्राई फ्रूट्स के दामों में 15-20% तक का इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है.
रोजमर्रा के उत्पाद और हवाई यात्रा पर असर
कच्चे तेल की कीमतों का असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं है. साबुन, शैम्पू, क्रीम और हेयर ऑयल जैसे उत्पादों में पेट्रोकेमिकल का इस्तेमाल होता है, जिसकी वजह से FMCG कंपनियां जल्द ही इनके दाम बढ़ा सकती हैं. इसके साथ ही हवाई सफर भी महंगा हो गया है.
ईंधन की बढ़ती कीमतों की भरपाई के लिए इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने ₹400 से लेकर ₹2,300 तक का फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं.
कमजोर रुपया और बढ़ती ईएमआई का दोहरा झटका
रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से विदेश में पढ़ाई, घूमना-फिरना और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना 15-20% तक महंगा हो गया है. रुपये की कमजोरी सीधे तौर पर आयातित सामान की लागत बढ़ा रही है, जिससे देश में महंगाई दर 6-10% तक बढ़ सकती है.
इस बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई (RBI) ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसका सीधा असर आपकी होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) पर पड़ेगा. विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में 0.5% से 1% तक की वृद्धि हो सकती है.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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